आरयू वेब टीम। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को सेमी कंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान किया। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 शुरू करेंगे और साथ ही तकनीक और कुशल कार्यबल विकसित करने के लिए उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे।”
वित्त मंत्री ने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 के सफल परिणामों को देखते हुए आइएसएम 2.0 शुरू किया गया है। इससे सेमीकंडक्टर उपकरणों और सामग्रियों का उत्पादन, फुल स्टैक डिजाइन, भारतीय आईपी का विकास और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया जाएगा।
उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों पर खास जोर दिया जाएगा, ताकि तकनीकी विकास और कुशल कार्यबल को तैयार किया जा सके। मिशन के लिए 40,000 करोड़ की बढ़ी हुई राशि को आवंटित किया गया है। ये सेमीकंडक्टर मिशन की मौजूदा गति को बनाए रखने को लेकर है। खनिज-समृद्ध राज्यों, जैसे ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को समर्थन दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें- अपनी 130वीं मन की बात में बोले प्रधानमंत्री मोदी, भारतीय उत्पादों की दुनियाभर में होनी चाहिए गुणवत्ता से पहचान
ये सेमीकंडक्टर और संबंधित क्षेत्रों में अहम भूमिका को निभा सकते हैं इसके साथ राज्यों को चैलेंज रूट के माध्यम से तीन समर्पित केमिकल पार्क स्थापित करने में सहायता मिलेगी। इससे घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा।
ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा कर कहा की को क्लीन एनर्जी का ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैटरी स्टोरेज और सोलर पैनल उद्योग के लिए कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) में रियायतों का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया।
स्वदेशी बैटरी उत्पादन को मिलेगी मजबूती
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि लिथियम-आयन सेल बनाने वाली मशीनों (कैपिटल गुड्स) पर मिलने वाली कस्टम ड्यूटी छूट अब ‘बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम’ के लिए उपयोग होने वाले सेल निर्माण पर भी लागू होग. इसका सीधा असर इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और ग्रिड-लेवल स्टोरेज की लागत कम करने पर पड़ेगा। इससे देश में स्वदेशी बैटरी उत्पादन को मजबूती मिलेगी और आयात पर निर्भरता कम होगी।
इसके अलावा बजट में मेडिकल शिक्षा को प्राथमिक क्षेत्र के तौर पर रखा गया है, इसके साथ ही सरकार ने देश के हर जिले में महिला छात्रावास खोलने की बड़ी घोषणा भी की है। बजट में टियर-2 और टियर-3 कस्बों में कॉर्पोरेट मित्र बनाने की भी घोषणा की गई है, जिससे पेशेवर संस्थानों को सुविधा और प्रशिक्षण मिलेगा।




















