आरयू ब्यूरो, लखनऊ। आम आदमी पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश में 27 हजार प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए जाने के खिलाफ चलाए जा रहे “स्कूल बचाओ अभियान” के दूसरे दिन आप के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को लखनऊ स्थित प्राथमिक विद्यालय सहपुरवा, बीकेटी का दौरा किया। इसके बाद संजय सिंह ने बच्चों और अविभावकों के साथ ढाई किलोमीटर दूर विलय किए गए नए स्कूल तक पदयात्रा की। साथ ही स्कूल के बच्चों और अभिभावकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना।
स्थानीय अभिभावकों ने संजय सिंह को बताया कि अब स्कूल ढाई किलोमीटर दूर हो गया है। रास्ते में व्यस्त सड़क, जंगल, बंदर सब मिलते हैं। भारी वाहनों से सड़क पार करना बच्चों के जीवन से खिलवाड़ है। आखिर क्या गुनाह है इन मासूमों का? इस दौरान एक स्थानीय महिला ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए यहां बच्चे एडमिशन कराने के लिए तैयार थे, लेकिन बच्चों को एडमिशन से मना कर दिया गया।
इस पर संजय सिंह ने कहा कि जिन मासूम बच्चों के पैरों में चप्पल तक नहीं है, वह ढाई किलोमीटर पैदल कैसे चल कर जाएंगे, जबकि आरटीई एक्ट कहता है कि एक किलोमीटर के दायरे में ही सरकारी स्कूल होना चाहिए। आप सांसद ने कहा कि दलित शोषित और पिछड़ी जाति के लोगों के साथ ऐसा भेदभाव किया जा रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री व यूपी के मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए कहा कि मैं योगी जी और मोदी जी से कहना चाहता हूं कि इस गांव में आकर देखिए, आपने किस तरह से इन बच्चों का भविष्य बर्बाद किया है। किस तरह बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित किया है।
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संजय सिंह ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 27 हजार प्राथमिक स्कूलों को बंद करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। ये फैसला गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने वाला है। आम आदमी पार्टी हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए इस तानाशाही के खिलाफ संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि “स्कूल बचाओ अभियान” के माध्यम से पार्टी पूरे प्रदेश में सरकार की जनविरोधी नीतियों को उजागर करेगी और हर बंद स्कूल को दोबारा खुलवाने के लिए जन आंदोलन तेज किया जाएगा।
आप की मांगें-
इस दौरान संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश सरकार से ये मांग करती है कि बंद किए गए सभी प्राथमिक विद्यालयों को तुरंत चालू किया जाए।
– स्थानीय स्तर पर ही बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा दी जाए।
– शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए नए स्कूल और शिक्षकों की भर्ती की जाए, न कि स्कूलों को बंद किया जाए।
आप सभी अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से अपील करती है कि वे इस अभियान से जुड़ें और अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के इस संघर्ष में हिस्सा लें।
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