निलंबित PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने दिए राजनीति में उतरने के संकेत, कहा नहीं बैठूंगा चुप’

अलंकार अग्निहोत्री
अलंकार अग्निहोत्री। (फाइल फोटो।)

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने राजनीतिक मैदान में कदम रखने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। साथ ही कहा कि वे एक वैकल्पिक राजनीतिक विकल्प की तैयारी कर रहे हैं और जल्द ही इसकी सूचना सार्वजनिक करेंगे। इस दौरान उन्होंने भाजपा और जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला, यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए।

शाहजहांपुर में परशुराम धाम दर्शन के बाद एक कैफे में आयोजित प्रेसवार्ता में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा, “एक विकल्प की तैयारी की जा रही है। जल्द ही इसकी सूचना दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूजीसी के नए नियमों और अन्य मुद्दों पर जनप्रतिनिधि खामोश हैं, जिससे समाज में असंतोष बढ़ रहा है। अलंकार ने दावा किया कि अब ब्राह्मण और सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत है, क्योंकि मौजूदा सिस्टम में उनकी आवाज दब रही है।

साथ ही अलंकार ने भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कई जनप्रतिनिधि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव जीतते हैं, लेकिन उनकी खुद की कोई जमीन नहीं बची है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी नियमों के खिलाफ देशभर में विरोध की आग भड़की हुई है, लेकिन सत्ता पक्ष के नेता चुप्पी साधे बैठे हैं। अलंकार ने इसे समाज को बांटने वाली नीतियों का हिस्सा बताया और कहा कि ऐसे समय में किसी को आगे आना ही पड़ेगा। उनकी यह टिप्पणी यूपी में ब्राह्मण समाज के असंतोष को और भड़काने वाली मानी जा रही है।

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अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं, जो बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट थे। उन्होंने 26 जनवरी 2026 को यूजीसी के नए नियमों को “काला कानून” बताते हुए और माघ मेले में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ कथित अभद्रता के विरोध में इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के कुछ घंटों बाद ही यूपी सरकार ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया और विभागीय जांच शुरू की। तब से वे विभिन्न जिलों में ब्राह्मण समाज और अन्य संगठनों को संबोधित कर रहे हैं, विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और दिल्ली में आंदोलन की धमकी भी दे चुके हैं।

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