आरयू वेब टीम। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने देश के बहुचर्चित स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा महासचिव को आज सौंपा है। बिरला पर पक्षपाती होने और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए सांसद गौरव गोगोई और के. सुरेश ने प्रस्ताव का नोटिस जमा किया है। इस पर 118 सांसदों ने साइन किए हैं। वहीं टीएमसी सांसदों ने साइन करने से इनकार कर विपक्षी दलों को चौंका दिया।
लोकसभा महासचिव को सौंपे गए नोटिस के बाद ओम बिरला ने खुद को सदन की कार्यवाही के संचालन से अलग कर लिया है और मंगलवार को वह सदन की कार्यवाही का संचालन करने आसन पर नहीं आए। इससे पहले, लोकसभा में गतिरोध खत्म करने की कोशिश में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ बैठक भी की।
यह भी पढ़ें- संसद में प्रधानमंत्री के नहीं आने पर बोले राहुल, डरे हुए है नरेंद्र मोदी, नहीं कर सकते सच्चाई का सामना
फ्लोर लीडर्स की बैठक में विपक्षी दलों के आठ सांसदों का निलंबन खत्म करने की शर्त पर गतिरोध खत्म करने के लिए तैयार होने की बात सामने आ रही है। गौरतलब है कि मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार हंगामे के कारण पहले 12 और फिर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।
सदन की कार्यवाही में अपनाया पक्षपाती रवैया
दरअसल विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही में पक्षपाती रवैया अपनाया है और विपक्ष की आवाज को दबाया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, ‘स्पीकर साहब का खुद निरादर किया गया है। स्पीकर साहब पर दबाव है कि उनको खुद बयान देना पड़ रहा है जो सही नहीं है। सवाल ही नहीं उठता कि पीएम पर कोई हमला करे। सरकार द्वारा उन पर दबाव डाला गया है इसलिए उन्होंने ये कहा है क्योंकि उस दिन पीएम मोदी की हिम्मत नहीं हुई सदन में आने की। इसलिए स्पीकर सफाई दे रहे हैं, ये गलत बात है।
गौरतलब है कि ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का पास होना बेहद मुश्किल हैं। क्योंकि कांग्रेस समेत विपक्ष के पास कुल 220 से ज्यादा सांसद हैं। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए विपक्ष को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। लेकिन लोकसभा में इसको पास कराना मुश्किल होगा, क्योंकि वहां एनडीए को बहुमत है।




















