आरयू ब्यूरो, लखनऊ/मथुरा। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान और यूजीसी के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देकर चर्चा में आए अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को अपनी नई पार्टी की घोषणा की है। जिसका नाम ‘राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा’ (राम) रखा है। अपने राजनैतिक सफर की शुरुआत के लिए उन्होंने बांके बिहारी की नगरी को चुना। अग्निहोत्री ने कहा कि वृंदावन की पावन धरा से इस संकल्प की शुरुआत करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
वृंदावन के श्री हरिदास धाम आश्रम में प्रेसवार्ता करते हुए अग्निहोत्री ने बताया कि उनकी पार्टी का नाम राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) है। इस दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा पार्टी का चिन्ह भी जारी कर ये स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी के विजन में राम और कृष्ण दोनों का समावेश होगा और वह इन्हीं आदर्शों को साथ लेकर जनता के बीच जाएंगे। साथ ही कहा कि सरकारी व्यवस्थाओं ने जो हमारे मूल अधिकारों का हनन किया है, उन मूल अधिकारो पाने के लिए जो मोर्चा गठित हो रहा है। उसी क्रम में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (आरएएम) नाम आया है।
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि, राम पार्टी के झंडे में भगवान कृष्ण की बांसुरी और भगवान श्रीराम का धनुष है। हमने जो झंडा डिजाइन किया है, वो भारत के संविधान की मूल आत्मा को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि, “यूजीसी एक्ट के विरोध में पूरा देश सड़कों पर हैं, केंद्र में जो सरकार बैठी हुई है वह गैर सनातनी सरकार है।” इस दौरान केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि, देश में सोची-समझी साजिश के तहत देश का जो ताना बाना है, जिसमें हम सभी लोग प्यार से रहते हैं, उस ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने के लिए जनरल- एससी एसटी और जनरल ओबीसी को लड़ाने के लिए यूजीसी रेगुलेशन लाया गया है।
वहीं पूर्व एसडीएम ने ये भी कहा है कि ये सरकार न अब हमारी है, न पूरा सिस्टम हमारा है। ‘मैं इस सिस्टम के बाहर आ चुका हूं, मैंने इसीलिए इस्तीफा दिया था।’ उन्होंने कहा कि हम लोगों ने एक विकल्प के तौर पर अधिकारी के लिए जो मोर्चा तैयार किया है, इस क्रम इसका पूरा नाम राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा रखा गया है।
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बता दें कि अलंकार अग्निहोत्री यूपी के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद पर तैनात थे। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के विरोध और यूजीसी के नए नियम से जुड़े विवाद को लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने के बाद वे यूपी में चर्चा का विषय बन गए थे। अलंकार अग्निहोत्री ने जब इस्तीफा दिया था, तब खूब बवाल मचा था। कई ब्राह्मण समाज के लोग उनके आवास तक पहुंच गए और जमकर उनके समर्थन में नारेबाजी की थी। इसके अलावा उन्होंने योगी सरकार पर भी हमला बोला था।
