आरयू ब्यूरो, लखनऊ। शंकराचार्य से अभद्रता और यूजीसी के खिलाफ सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री शनिवार को अपने घर पहुंचे। जहां उन्होंने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान समय में वेस्ट इंडिया कंपनी शासन कर रही है। जिसके सीईओ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और एमडी अमित शाह है। इन दोनों लोगों को वापस भेजने का काम करेंगे’। साथ ही कहा कि वे इतने दबाव में थे कि वह जनता के लिए काम ही नहीं कर पा रहे थे।
मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री खुलकर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ‘जिस तरह देश पर ईस्ट इंडिया कंपनी ने शासन किया था और यहां का पैसा अपने देश ले गए थे। उसी तरह वर्तमान समय में वेस्ट इंडिया कंपनी शासन कर रही है, जिसके सीईओ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और एमडी अमित शाह है। इन दोनों लोगों को वापस भेजने का काम करेंगे’। अलंकार ने कहा कि वे इतने दबाव में थे कि वह जनता के लिए काम ही नहीं कर पा रहे थे। अब उनकी अगली रणनीति एससी-एसटी कानून को खत्म किए जाने को लेकर रहेगी।
चरम पर है कमीशनखोरी
अलंकार अग्निहोत्री अपने मूल निवास केशव नगर डब्ल्यू ब्लॉक पहुंचे, जहां उन्होंने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था और प्रशासनिक दबावों को लेकर बयान दिया। महोबा में मंत्री और विधायक के बीच हुए विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि विकास कार्य इसलिए रुके हुए हैं क्योंकि कमीशनखोरी चरम पर है। उनका आरोप था कि जब बजट का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा कमीशन में चला जाता है, तो जमीनी स्तर पर काम होना संभव ही नहीं रह जाता।
जैसे ही कोई आवाज उठाता पहुंच जाता है नोटिस
वहीं दावा किया कि देशभर के विधायक और सांसद खुलकर बोलने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा, मेरी कई विधायकों और जनप्रतिनिधियों से बात हुई है। सबका कहना है कि हम कुछ कहना चाहते हैं, लेकिन बोल नहीं पाते। जैसे ही कोई आवाज उठाता है, आयकर विभाग, ईडी या सीबीआइ का नोटिस पहुंच जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जन प्रतिनिधियों को अलग-अलग तरीकों से परेशान किया जा रहा है, ताकि वे चुप रहें।
स्वर्ण वोट” का शिफ्ट होना मुश्किल
इस दौरान महोबा विवाद का जिक्र करते हुए पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि जब ऊपर तक कमीशन का सिस्टम बैठा हो, तो मंत्री और विधायक के बीच टकराव होना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा सरकार अल्पमत में है और यदि आज चुनाव हो जाएं तो उसे एक भी सीट नसीब नहीं होगी, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब तक मोदी और शाह सत्ता में हैं, तब तक “स्वर्ण वोट” का शिफ्ट होना मुश्किल है। अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार पर रंगदारी की तरह काम करने और सीएजी से भी बड़े घोटाले चलने का आरोप लगाया।
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बता दें कि 26 जनवरी को अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा दिया था। अलंकार अग्निहोत्री ने प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना और यूजीसी के नए नियमों को लेकर अपना विरोध जताया था। उन्होंने राज्यपाल और निर्वाचन आयोग को सात पेज का इस्तीफा भेजा था। जिसमें लिखा था कि ‘अब केंद्र एवं राज्य सरकार में न ही जनतंत्र है और न ही गणतंत्र है, बस भ्रमतंत्र है। देश में अब देशी सरकार नहीं विदेशी जनता पार्टी की सरकार है।’ जिसके बाद सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
