आरयू वेब टीम। ओडिशा में भ्रष्टाचार को लेकर बड़े अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस की टीम ने आज राज्य के अलग-अलग जिलों में छापेमारी की। भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर जगन्नाथ पटनायक के ठिकानों पर ये छापेमारी हुई।
इस कार्रवाई को करते हुए छह पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) दस निरीक्षकों और अन्य सहायक कर्मचारियों की एक टीम ने बुधवार को चार ठिकानों पर छापेमारी की। भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) के कार्यकारी अभियंता जगन्नाथ पटनायक के खिलाफ इससे पहले सर्च वारंट जारी हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, भुवनेश्वर के बडागडा में स्थित तिमंजिला आवासीय इमारत, बीएमसी कार्यालय कक्ष, खोरधा जिले के बलियांता तहसील के अंतर्गत मौजा राणापुर में स्थित एक फार्महाउस और रायगढ़ जिले में स्थित जगन्नाथ पटनायक के पैतृक घर पर ओडिशा सतर्कता विभाग की टीमें पहुंचीं।
DFO हुआ गिरफ्तार
इससे पहले ओडिशा के क्योंझर में सतर्कता अधिकारियों ने डीएफओ नित्यानंद नायक को गिरफ्तार किया। आरोपित अधिकारी नित्यानंद नायक वर्तमान में क्योंझर जिले के केंदु लीफ डिवीजन में प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) के पद पर तैनात हैं। वरिष्ठ अधिकारी से जुड़ी कई संपत्तियों पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में छापेमारी की गई थी। तीन जिलों में सात ठिकानों पर छापे मारे गए थे। करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई, जिसमें एक चार मंजिला इमारत, फार्महाउस, वाहन, सोना, नकदी और हथियार शामिल हैं।
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वहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग की ओर से तीन दिनों तक चलाए गए अभियान के बाद नित्यानंद नायक को अदालत में पेश किया गया। इस संबंध में ओडिशा सतर्कता विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि नित्यानंद नायक से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ की गई तलाशी के दौरान करोड़ों की संपत्ति का पता चला। सतर्कता अधिकारी तब दंग रह गए जब उन्हें पता चला कि डीएफओ नित्यानंद नायक और उनके परिवार के पास अंगुल जिले के एक ही ब्लॉक में 115 प्लॉट हैं।
