दिल्ली हाई कोर्ट ने बढ़ाई राहुल व सोनिया गांधी की मुश्किल, ED की याचिका पर भेजा नोटिस

दिल्ली हाइ कोर्ट

आरयू वेब टीम। नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी की मुश्किल बढ़ सकती है। दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर दोनों नेताओं समेत सात आरोपितों को नोटिस जारी किया है। ये नोटिस उस फैसले के खिलाफ जारी किया गया है, जिसमें राउज एवेन्यू कोर्ट ने ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था।

दरअसल ईडी ने नेशनल हेराल्ड केस में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि राउज एवेन्यू कोर्ट ने ये कहते हुए चार्जशीट पर संज्ञान लेने से मना कर दिया कि मामला एक निजी शिकायत से जुड़ा है, जिस पर पहले ही अदालत संज्ञान ले चुकी है. इसी आदेश को चुनौती देते हुए ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी की दलीलों को सुनने के बाद राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य आरोपितों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 मार्च की तारीख तय की है।

यह भी पढ़ें- नेशनल हेराल्ड मामले पर कांग्रेसियों का लखनऊ में प्रदर्शन, पुलिस ने हिरासत में लिया

सुनवाई के दौरान ईडी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में जोरदार दलीलें पेश कीं। जासमें कहा कि जांच के दौरान यह सामने आया है कि केवल 50 लाख रुपये के बदले लगभग 2000 करोड़ रुपये की संपत्तियां हासिल की गईं। तुषार मेहता ने यह भी बताया कि ईडी ने मामले में विस्तृत जांच की है, कई जगहों पर छापेमारी कर दस्तावेज जुटाए गए और आरोपितों के बयान दर्ज किए गए हैं। सॉलिसिटर जनरल ने ये सवाल भी उठाया कि अगर किसी निजी शिकायत पर अदालत ने संज्ञान लिया है, तो क्या इससे ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने से रोका जा सकता है. उनका कहना था कि निचली अदालत का यह निष्कर्ष कानून की गलत व्याख्या पर आधारित है और इससे भविष्य में कई अन्य मामलों पर भी असर पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें- नेशनल हेराल्ड केस में राहुल-सोनिया गांधी को राहत, ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से कोर्ट का इनकार