आरयू वेब टीम। गुजरात के राजकोट जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान लगातार आए भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के जेतपुर, धोराजी, उपलेटा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सात बार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता 2.7 से 3.8 मैग्नीट्यूड के बीच रही। हालांकि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन बार-बार आ रहे झटकों से लोगों में बड़े भूकंप का डर बैठ गया है। एहतियातन प्रशासन ने कुछ इलाकों में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (आइएसआर) और सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, इन सभी भूकंपों का केंद्र उपलेटा से 27 से 30 किलोमीटर दूर पूर्व-उत्तरपूर्व (ईएनई) दिशा में दर्ज किया गया। भूकंप की गहराई 6.1 किलोमीटर से 13.6 किलोमीटर के बीच रही, जिसकी वजह से झटके हल्के होने के बावजूद लोगों को स्पष्ट रूप से महसूस हुए। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह ही छह बार भूकंप के झटके महसूस किए गए।
सबसे तेज झटका सुबह 6:19 बजे आया, जिसकी तीव्रता 3.8 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। इसके बाद लगभग हर 15-25 मिनट के अंतराल पर झटके आते रहे। इससे पहले गुरुवार रात 8:43 बजे भी 3.3 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था।
भूकंप की पूरी टाइमलाइन (24 घंटे में 7 झटके)
समय और तारीख। तीव्रता (मैग्नीट्यूड)
आठ जनवरी, रात 8:43 बजे- 3.3
नौ जनवरी, सुबह 6:19 बजे- 3.8 (सबसे तेज)
नौ जनवरी सुबह 6:56 बजे- 2.9
नौ जनवरी सुबह 6:58 बजे- 3.2
नौ जनवरी सुबह 7:10 बजे- 2.9
नौ जनवरी सुबह 7:13 बजे- 2.9
नौ जनवरी सुबह 7:33 बजे- 2.7
कुछ रिपोर्ट्स में 8:34 बजे हल्के झटके का भी जिक्र है, लेकिन आधिकारिक तौर पर सात झटकों की पुष्टि की गई है। लगातार झटकों की वजह से जेतपुर, धोराजी, उपलेटा पंथक और आसपास के गांवों में लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों और खेतों में पहुंच गए। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
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गांधीनगर स्थित सिस्मोलॉजी केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि, फोर मैग्नीट्यूड से कम तीव्रता वाले भूकंप सामान्य तौर पर खतरनाक नहीं माने जाते, लेकिन कम समय में बार-बार झटके आना असामान्य जरूर है। विशेषज्ञों के मुताबिक, राजकोट क्षेत्र में कोई बड़ी सक्रिय फॉल्ट लाइन ज्ञात नहीं है। हालांकि, भारी मानसून के बाद भूमिगत हलचल के कारण ऐसी गतिविधियां देखी जाती हैं। पूरे मामले की वैज्ञानिक जांच जारी है।
वहीं स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कुछ स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है।
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