जनसभा में बोलीं मायावती, “दलित एकजुट हो BSP को दें समर्थन, ताकि मिले हक-सम्मान”

बिहार में मायावती
जनसभा में कार्यकर्ताओं का उत्‍साह बढ़ाती मायावती।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। बिहार विधानसभा चुनाव के बीच कैमूर के भभुआ शहर स्थित हवाई अड्डा मैदान में गुरुवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत में मायावती ने कहा कि दलितों और वंचित समाज का वोट अक्सर अलग-अलग दलों में बंट जाता है, जिससे उनके अधिकारों और विकास पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब तक दलित समाज एकजुट होकर बसपा को समर्थन नहीं देगा, तब तक समाज के लोगों को उनका “हक और सम्मान” नहीं मिल पाएगा।

वहीं मायावती ने आरोप लगाया कि बिहार की राजनीति में अभी भी जातिवाद की मानसिकता हावी है, जिसके कारण बसपा को उसका पूरा समर्थन नहीं मिल पाता।

बसपा सुप्रीमो ने ये भी कहा कि पार्टी बिहार में अकेले चुनाव लड़ रही है, क्योंकि वह जनता की असली आवाज बनना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘अगर सरकार बनाने की स्थिति बनी, तो बसपा अपनी शर्तों पर ही शामिल होगी हमारे समाज के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।’

मायावती ने यूपी में अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का भी जिक्र किया, जैसे दलित बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, गरीबों के लिए योजनाएं और कानून-व्यवस्था में सुधार। उन्होंने दावा किया कि बिहार में भी बसपा ऐसी ही नीतियों पर काम करेगी।

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इस दौरान मायावती ने अपने भाषण में कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। साथ ही कहा कि कांग्रेस ‘आरक्षण खत्म करने की साजिश’ कर रही है और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए अधिकारों की रक्षा सिर्फ बसपा ही कर सकती है।

उन्होंने वादा किया कि अगर बसपा की सरकार बनी, तो जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण बढ़ाया जाएगा ताकि समाज के हर तबके को बराबरी का अवसर मिल सके। बसपा ही ऐसी पार्टी है जो हर वर्ग के असली विकास की बात करती है, न कि केवल वोट के लिए राजनीति।

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