आरयू ब्यूरो, लखनऊ। लखनऊ में शनिवार को यूजीसी की नई नीतियों के विरोध में सवर्ण मोर्चा के सदस्यों ने सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस की बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सांकेतिक रूप से कपड़े उतारकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। वहीं पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका तो वे उग्र हो गए। जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। इससे इलाके में घंटों अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
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प्रदर्शनकारी मोदी सरकार और यूजीसी की नई गाइडलाइंस का विरोध करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम और भारी बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। बैरिकेडिंग लांघने की कोशिश में दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं, वहीं पुलिस को भी भीड़ नियंत्रित करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलाव छात्रों के भविष्य के लिए नुकसानदायक हैं और उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अलंकार अग्निहोत्री ने योगी सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा नीतियों से सवर्ण समाज में भी असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि यदि युवाओं और छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप ले सकता है।
प्रदर्शन के चलते लगा लंबा जाम
वहीं प्रदर्शन के चलते हजरतगंज और आसपास के प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। इस दौरान हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




















