लखनऊ समेत छह जिलों के 26,000 वर्ग KM में फैला होगा UPSCR, सभी जिलों में प्राइवेट कंसल्टेंट तैनात करेगा LDA

यूपीएससीआर
प्रेजेंटेशन देखती कमिश्‍नर साथ में वीसी व अन्‍य।

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। सूबे की राजधानी लखनऊ समेत छह जिलों को मिलाकर विकसित होने वाला उत्‍तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (यूपीएससीआर) अपनी जनसंख्‍या व बसावट के हिसाब से स्‍वरूप लेगा। प्‍लानिंग व सर्वे से लेकर यूपीएससीआर की योजना को अमली जामा पहनाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण सभी छह जनपदों में प्राइवेट कंपनियों के कंसल्‍टेंट रखेगा।

कमिश्‍नर ने देखा पहली सर्वे रिपोर्ट का प्रेजेन्‍टेशन

एलडीए की तरफ से इस बारे में कहा जा रहा इसके तहत आबादी क्षेत्र में अवस्थापना, अर्फोडेबल हाउसिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार परक परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। साथ ही पर्यटन व कृषि क्षेत्र को बढ़त देने की दिशा में काम किया जाएगा। एलडीए अध्यक्ष रोशन जैकब के सामने आज इसके लिए एससीआर के रीजनल प्लान की पहली सर्वे रिपोर्ट का प्रेजेन्टेशन दिया गया।

वहीं प्रेजेंटेशन देखने के बाद रोशन जैकब ने आज सभी छह जिलों में प्राइवेट कंसल्‍टेंट हायर करने का अधिकारियों को निर्देश दिया। कमिश्‍नर ने कहा है कि सर्वे को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए प्रत्येक जनपद में एक-एक कंसल्टेंट नियुक्त किया जाए, जिससे डाटा कलेक्शन में आसानी हो और कार्य को गति मिल सके।

आज रात इस बारे में प्रेस नोट जारी कर एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने मीडिया को बताया कि यूपीएससीआर के लिए जीआईएस आधारित क्षेत्रीय महायोजना तैयार करने के लिए कंसल्टेंट के रूप में एईकॉम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एजीस इंडिया कन्सल्टिंग इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के कंसोर्टियम का चयन किया गया है।

प्‍लानिंग से अमली जामा तक पहनाएगी प्राइवेट कंपनी

उपाध्‍यक्ष ने बताया कि कंसल्टेंट कंपनी एक साल में रीजनल प्लान तैयार करेगी। जिसके बाद कंपनी अगले पांच साल में रीजनल प्लान के मुताबिक परियोजनाओं को चिन्हित कर उनका डीपीआर बनाएगी। इसके अलावा प्राइवेट कंपनी ही मौके पर परियोजनाओं को क्रियान्वित कराने का काम भी कराएगी।

वहीं कंसल्टेंट ने प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों बताया कि संबंधित  जनपदों की जनसंख्या और बसावट के स्वरूप का अध्ययन किया गया है। इसी के आधार पर अवस्थापना एवं विकास परियोजनाओं का खाका खींचा जा रहा है।

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एससीआर में लखनऊ के अलावा सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली शामिल हैं। आज एलडीए में कंसल्टेंट ने सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों को बताया कि अन्य जनपदों की तुलना में लखनऊ अधिक विकसित है। आसपास के जिलों से हर दिन हजारों लोग व्यवसाय, नौकरी, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत विभिन्न कारणों से लखनऊ आते हैं। एससीआर के क्रम में आसपास के जनपदों में भी समानांतर रूप से विकास किया जाएगा। इससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार व व्यवसाय के अवसर सृजित होंगे। गांवों तक शहरी सुविधाएं पहुंचेंगी और लोगों को उनके क्षेत्र में ही निवास, व्यापार व नौकरी आदि के लिए बेहतर माहौल मिलेगा।

आधारभूत सुविधाओं को किया जा रहा अपग्रेड

प्राधिकरण का कहना है कि एससीआर का क्षेत्रफल करीब 26 हजार वर्ग किलोमीटर है। इसमें शामिल लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली में आधारभूत सुविधाओं को उच्चीकृत करने पर काम किया जा रहा। इस क्रम में जनपदों के बीच हाई स्पीड रेल व रोड कनेक्टिविटी का प्रावधान किया जा रहा। आवागमन तेज और सुगम होने से औद्योगिक व व्यावसायिक विकास को बल मिलेगा। इससे बड़ी तादाद में रोजगार के अवसर सृजित होंगे और प्रदेश का आर्थिक विकास होगा।

लखनऊ में 46 तो बाराबंकी आते हैं 31 प्रतिशत टूरिस्‍ट

उपाध्यक्ष ने बताया कि एससीआर के सभी छह जनपदों के पर्यटन क्षेत्र का भी अध्ययन किया गया है। इसमें पाया गया कि हर साल करीब 1.8 करोड़ पर्यटक प्रस्तावित क्षेत्रों में आते हैं। इसमें लखनऊ में सबसे ज्‍यादा 46 प्रतिशत, बाराबंकी में 31 प्रतिशत, उन्नाव में 14 प्रतिशत, सीतापुर में 07 प्रतिशत, हरदोई व रायबरेली में एक-एक प्रतिशत पर्यटन है। इसी तरह कृषि क्षेत्र का भी अध्ययन किया गया है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों की तुलना में यहां बढ़ोत्तरी की अपार संभावनाएं हैं।

प्रेजेंटेशन के दौरान कमिश्‍नर व वीसी के अलावा प्राधिकरण के वित्‍त नियंत्रक दीपक कुमार सिंह, सीटीपी के.के. गौतम समेत एलडीए व अन्‍य विभागों अफसर-इंजीनियर के साथ ही प्राइवेट कंपनियों से जुड़े लोग मौजूद रहें।

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