आरयू ब्यूरो, लखनऊ। ईरान पर हुए हमले और आयतुल्लाह खामेनेई की शहादत को लेकर शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने आज एक बयान जारी किया है। सैफ अब्बास ने अपील कर कहा कि ईद-उल-फितर के अवसर पर शांतिपूर्ण विरोध और एकजुटता का संदेश देते हुए शहर के मोमिनीन ईद की नमाजा काली पट्टी बांधकर अदा करें। ताकि ईरान के प्रति संवेदना और वैश्विक मुस्लिम एकता का संदेश दिया जा सके।
मौलाना ने कहा कि ऐसे समय में हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम अपने ईरानी भाइयों के गम में शरीक हों, साथ ही ईद की नमाज भी अदा करें और शांति के साथ अपना विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने ये भी उल्लेख किया कि भारत की कुछ राजनीतिक पार्टियों ने खुले तौर पर ईरान पर हुए हमले की निंदा की और आयतुल्लाह खामेनई का नाम लेकर ताजियत पेश की।
वहीं कुछ अन्य दलों ने इस मुद्दे पर स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी, कुछ ने तो इस हमले का विरोध भी नही किया और कुछ ने घुमा फिरा कर विरोध किया जिसमे ना तो आयतुल्लाह खमेनाई का नाम लिया और ना ही ईरान का।
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सैफ अब्बास ने कहा कि जिन सियासी संगठनों ने स्पष्ट रूप से ईरान या आयतुल्लाह खामेनई का नाम लेकर संवेदना व्यक्त नहीं की, उनके संबंध में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कुछ सामाजिक कार्यक्रमों से दूरी बनाने का निर्णय लिया है।
मौलाना ने यह भी कहा के ना तो वो उन की तरफ से आयोजित इफ्तार पार्टियों में शिरकत करेंगे और अगर ईद के दिन वह ईद मिलने आएंगे तो ईद मिलने से इंकार करेंगे, उन्होंने यह भी कहा कि यह उनका निजी निर्णय है, और यदि अन्य लोग भी इसे उचित समझें तो वे अपनी समझ के अनुसार निर्णय ले सकते हैं।




















