सोनम वांगचुक की हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द, केंद्र सरकार ने हटाई NSA की धाराएं

सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक। (फाइल फोटो)

आरयू वेब टीम। लद्दाख के जाने-माने इनोवेटर, शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो पिछले लगभग छह महीनों से जेल में बंद थे, अब रिहा होने वाले हैं।
केंद्र सरकार ने लद्दाख में जारी गतिरोध को खत्म करने की दिशा में अहम फैसला किया है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करके लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला किया है।

गृह मंत्रालय ने मामले में एक आधिकारिक बयान जारी कर  कहा कि लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय की मानें तो ये फैसला हितधारकों के साथ रचनात्मक और सार्थक संवाद को सुविधाजनक बनाने के लिए फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से लद्दाख की मांगों को लेकर जारी गतिरोध को खत्म करने में सहायता मिलेगी।

सोनम वांगचुक पिछले लंबे समय से लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने के लिए और लद्दाख को राज्य का दर्जा देने जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। वांगचुक की गिरफ्तारी की वजह से लद्दाख और देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए थे।

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हिरासत खत्म होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत का नया राउंड शुरू हो सकता है। वहीं गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि भविष्य की सकारात्म चर्चाओं की वजह से वांगचुक की रिहाई हो पाई है ताकि केंद्र सरकार और लद्दाख के बीच विश्वास की कमी को दूर किया जा सके।

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