आरयू ब्यूरो, लखनऊ/प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल एग्जाम में बदलाव किया है। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह के आदेश के मुताबिक इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षा की डेट बढ़ा दी गई है। इस फैसले से उन हजारों छात्रों ने राहत की सांस ली है, जो किसी वजह से निर्धारित समय सीमा के अंदर यूपी बोर्ड प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे।
सोमवार को यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है, प्रथम चरण में 24 जनवरी से एक फरवरी 2026 तक तथा द्वितीय चरण में दो से नौ फरवरी तक आयोजित होनी थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा में कुछ विद्यालयों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं नहीं हो पाईं। ऑनलाइन अंक भी अपलोड नहीं हो सका। जिसके बाद छात्रहित को देखते हुए प्रथम एवं द्वितीय चरण की इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथि 13 फरवरी 2026 तक बढ़ाई जा रही है।
यूपी बोर्ड के सचिव ने कहा, प्रैक्टिकल एग्जाम्स की डेट में ये अंतिम बदलाव है। प्रयोगात्मक परीक्षकों और प्रधानाचार्यों को निर्देशित कर दिया गया है कि बची हुई प्रयोगात्मक परीक्षाएं 13 फरवरी तक पूरा करा लें और वेबसाइट पर शत प्रतिशत अंक अपलोड कर दें। निर्धारित समय तक अंक अपलोड नहीं करने पर यदि किसी परीक्षार्थी का परीक्षा परिणाम प्रभावित होता है, तो उसके लिए संबंधित परीक्षक, प्रधानाचार्य एवं शिथिल पर्यवेक्षण हेतु जनपद के जिला विद्यालय निरीक्षक उत्तरदायी होंगे।
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गौरतलब है कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होकर 15 मार्च 2026 तक चलेंगी परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जाएंगी। सुबह की पाली और दोपहर की पाली में अलग-अलग विषयों की परीक्षा कराई जाएगी। विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।



















