आरयू ब्यूरो, लखनऊ। घने कोहरे और धुंध से सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने तेज रफ्तार पर कटौती करने का फैसला लिया है। अब आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा कम कर दी गई है। यह आदेश शुक्रवार से प्रभावी होगा और 15 फरवरी 2026 तक लागू रहेगा।
सभी एक्सप्रेसवे पर कार, जीप और हल्के वाहनों की अधिकतम गति सीमा सौ किमी में 20 से 40 किमी कटौती कर दी है। इसी तरह बस और मल्टी-एक्सल यात्री वाहन और मालवाहक पर भी गति सीमा घटाई गई है। यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दिन (सुबह आठ से रात आठ) और रात (रात आठ से सुबह आठ) के लिए अलग-अलग मानक तय किए गए हैं।
वाहन का प्रकार – दिन की स्पीड – रात की स्पीड
कार (हल्के वाहन)– 80 – 60
बस/यात्री वाहन
(नौ सीट से अधिक)– 60 – 50
ट्रक/मालवाहक वाहन– 50 – 40
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…तो सुरक्षा टीमें टोल प्लाजा पर वाहन रोक देंगी
साथ ही यूपीडा ने स्पष्ट किया है कि यदि कोहरा अत्यधिक घना होता है और दृश्यता 50 मीटर से कम रह जाती है, तो सुरक्षा टीमें टोल प्लाजा पर वाहनों को रोक देंगी। इसके बाद वाहनों को सुरक्षित समूहों में एक साथ रवाना किया जाएगा।
वहीं चालकों से अपील की गई है कि कोहरे में हाई बीम का प्रयोग न करें। वाहन के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
थकान या नींद आने पर वे-साइड अमेनिटीज पर रुकें।
इसके अलावा एक्सप्रेसवे के प्रवेश और निकास द्वारों पर फॉग लाइटें लगाई जाएंगी और नई गति सीमा के सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।
टोल प्लाजा और रोड-साइड सुविधाओं पर लाउडस्पीकर के जरिए ड्राइवरों को जागरूक किया जाएगा।
24 घंटे पेट्रोलिंग, एम्बुलेंस और सुरक्षा टीमें तैनात रहेंगी। एक्सप्रेसवे पर मौजूद गड्ढों (पैच) को भी तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।




















