LDA ने नीलाम कर डाली 425 करोड़ की 132 प्रापर्टी, 16 दिन बाद दी मीडिया को जानकारी, उठें सवाल

एलडीए

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। अपनी अनोखी गतिविधियों के चलते आए दिन चर्चा में रहने वाले लखनऊ विकास प्राधिकरण का आज एक और कारनामा सामने आया है। एलडीए ने अपनी 132 संपत्तियों को नीलाम कर दिया है। तीन नवंबर को नीलाम हुई 425 करोड़ की प्रापर्टी में से कुछ संपत्तियों की जानकारी एलडीए ने आज रात प्रेस नोट जारी करते हुए मीडिया के सामने सार्वजनिक की है। अमूमन दो-चार दिन की जगह इस बार 16 दिन तक नीलाम हुई प्रापर्टी की डिटेल छिपाने को लेकर इससे जुड़े इंजीनियर और अफसरों की भूमिका और क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं।

पहले हो चुका खेल, जिम्‍मेदार अफसरों ने दबाया कांड

बताते चलें कि यह पहला मौका नहीं है, जब‍ प्राधिकरण की नीलामी को लेकर कमर्शियल सेल पर सवाल उठा है। इससे पहले भी नीलामी वाले प्‍लॉट पर पहले से बिल्डिंग बनी होने व जेल भेजे जा चुके फर्जी रजिस्‍ट्री गैंग से भी इस सेल के तार जुड़ने की चर्चाएं होती रहीं हैं। पूर्व में इस तरह का मामला बढ़ने पर एलडीए के बड़े अधिकारी जांच के बाद दोषी मिलने वाले अफसर-बाबूओं पर कार्रवाई की बात भी कह चुके हैं, लेकिन कार्रवाई की जगह बाद में न सिर्फ मामले को दबा दिया गया, बल्कि लंबे अरसे से सेल में तैनात इंजीनियर व बाबूओं की तैनाती तक में फेरबदल नहीं की गयी।

अफसर किनारे, सालों से कमर्शियल EE के सहारे

इसके अलावा प्रशासिनक व प्राधिकरण सेवा के अफसरों को दरकिनार कर सालों पहले व्यावसायिक सेल प्रभारी बनाये गये इलेक्ट्रिकल के ईई मनोज सागर की तैनाती पर भी सवाल उठते रहें हैं।

शासन का तबादला आदेश भी एलडीए में फेल

मनोज सागर को अलग-अलग तरह के दर्जनों महत्‍वपूर्ण काम सौंपने के बाद भी प्राधिकरण के अधिकारी अधिशासी अभियंता के काम से इतना अधिक प्रसन्‍न हैं कि पांच महीना पहले शासन द्वारा जनहित में गोरखपुर विकास प्राधिकरण के लिए किये गये उनके तबादला आदेश का भी पालन नहीं कराया गया।

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साथ ही ट्रांसफर ऑर्डर को दरकिनार कर एलडीए के तीन महत्‍वपूर्ण जोन (1, 3 व 6), प्राधिकरण का अनुरक्षण (बिजली के साथ सिविल भी), हेरिटेज जोन, इंदिरा गांधी प्रतिष्‍ठान, जेपीएनआइसी, ग्रीन कॉरिडोर, जनेश्‍वर-लोहिया सहित शहर के दर्जनों पार्क, वाहनों, सैकड़ों कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटरों की तैनाती समेत अन्‍य कामों के साथ ही मनोज सागर से व्‍यावसायिक सेल के प्रभारी का भी काम लिया जा रहा है।

इतने हुए मेहरबान कि बना दिया रिकॉर्ड!

जानकारों की मानें तो एक इंजीनियर से इतने प्रकार के काम प्राधिकरण के इतिहास में कभी नहीं लिया गया था। अलग-अलग नेचर के कामों की अधिकता से परेशान अधिशासी अभियंता को भी अपने कार्यालय में कई बार आने वालों की इंट्री पर रोक लगा काम निपटाने में लगे रहते देखा जा सकता है।

95 आवासीय प्‍लॉट भी हुए नीलाम

वहीं नीलामी के बारे में आज एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मीडिया को बताया कि लैंड ऑडिट और ड्रोन सर्वे से प्राधिकरण की कई ऐसी प्रापर्टी चिन्हित की गयीं, जिन पर अवैध कब्जे थे। इनको खाली करा ई-ऑक्शन में लगाया गया था। इसमें गोमती नगर विस्तार के सेक्टर पांच व सेक्‍टर छह के 95 आवासीय और सात व्यावसायिक प्‍लॉट भी थे। नीलामी में इनमें से 88 प्‍लॉट दो से तीन गुना अधिक कीमत में बिके।

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उपाध्यक्ष ने यह भी बताया कि ई-ऑक्शन में बोली लगाने वाले सभी सफल आवंटियों को जल्द ही आवंटन लेटर जारी होगा। वहीं आवंटियों द्वारा इन पर जो भी प्रोजेक्ट लाये जाएंगे, उसके लिए मानचित्र आदि स्वीकृत करने की सभी कार्यवाही सिंगल विन्डो सिस्टम से पूरी होगी।

47 करोड़ में बिका ग्रुप हाउसिंग भूखण्ड

वहीं मनोज सागर के साथ मिलकर नीलामी में अहम भूमिका निभाने वाले प्राधिकरण के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने मीडिया को बताया कि कुल 132 प्रापर्टी नीलाम हुयी है। 132 संपत्ति में से एलडीए विभाग को सबसे अधिक फायदा पहुंचाने वाली कुछ प्‍लॉट की डिटेल का खुलासा करते हुए अपर सचिव ने कहा कि गोमती नगर विस्तार के सेक्टर-पांच में 28 लाख कीमत का 75 वर्गमीटर का आवासीय प्‍लॉट डेढ़ करोड़ में नीलाम हुआ है।

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इसी तरह सेक्टर छह में 72 लाख 99 हजार का 200 वर्गमीटर का आवासीय भूखंड की दो करोड़ 99 लाख तक बोली लगी है। सेक्टर छह में 4647 वर्गमीटर का ग्रुप हाउसिंग प्‍लॉट बोली लगकर 47 करोड़ में नीलाम हुआ, जिसकी आरक्षित दर 34 करोड़ थीं।

साढ़े सात करोड़ वाले प्‍लॉट की बोली लगी 21 करोड़

वीसी व अपर सचिव के अलावा प्रेस नोट के जरिये ही ईई मनोज सागर ने भी विभाग की तिजोरी भरने वाले कुछ भूखंडों की जानकारी मीडिया को दी है। उन्‍होंने कहा कि कानपुर रोड योजना के सेक्टर-आई में 905 वर्गमीटर के व्यावसायिक भूखंड पर रिकॉर्ड बोली लगी। 7.44 करोड़ की कीमत वाला यह प्‍लॉट बढ़कर 20.88 करोड़ में नीलाम हुआ है।

इसके अलावा गोमती नगर विस्तार में सेक्टर पांच में 162 वर्गमीटर का व्यावसायिक प्‍लॉट 1.57 करोड़ से बढ़कर 4.10 करोड़ में नीलाम हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि बसंतकुंज व ट्रांसपोर्ट नगर की संपत्तियों पर भी लोगों ने काफी दिलचस्पी दिखायी और यहां के प्‍लॉट 25 से 30 प्रतिशत की बढ़त पर बिके हैं।

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