गौ रक्षा के लिए लखनऊ पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्‍वरानंद, COVID गाइडलाइन समेत 26 शर्तों के साथ मिली सभा की परमिशन

शंकराचार्य
लखनऊ पहुंचने पर शंकराचार्य का फूलों से स्‍वागत करते समर्थक।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। प्रयागराज माघ में हुई अभद्रता और बटुकों के अपमान के बाद से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्‍वरानंद सरस्वती ने योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने और यूपी में गोहत्या के खिलाफ कानून बनाने की मांग को लेकर शुरू हुई शंकराचार्य की यात्रा आज लखनऊ पहुंची। वहीं शंकराचार्या को अपने शहर में पाकर समर्थकों ने फूला माला के साथ भव्‍य स्‍वागत किया। जबकि स्मृति उपवन में होने वाली सभा को लेकर लखनऊ पुलिस कमिश्‍नरेट व एलडीए ने कोविड गाइडलाइन समेत 26 सख्‍त शर्तों के साथ उन्‍हें सभा करने की अनुमति दी है।

लखनऊ के जेसीपी और एलडीए (स्‍मारक समिति) की शर्तों में नाबालिग बच्चों से विवादित नारे न लगवाना, आतिशबाजी, हथियार पर प्रतिबंध और सांप्रदायिक/जातीय टिप्पणी या उत्तेजक बयान देने की इजाजत नहीं है। दरअसल लखनऊ के आशियाना इलाके में अविमुक्तेश्‍वरानंद सरस्वती का कार्यक्रम कांशीराम स्मृति उपवन में कल होना प्रस्तावित है।

ये हैं वो शर्तें-

लखनऊ में अविमुक्तेश्‍वरानंद के कार्यक्रम को अनुमति देते हुए एलडीए, स्मारक समिति और पुलिस ने 26 शर्तें रखी हैं। यह भी कहा गया कि उल्लंघन करने पर परमिशन रद्द हो जाएगी।

• कार्यक्रम के दौरान किसी भी वक्ता द्वारा धर्म, जाति, संप्रदाय एवं भाषा के विरुद्ध कोई भी भड़काऊ भाषण नहीं
दिया जाएगा।

• कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक व्यक्तियों, यों धार्मिक व्यक्तियों के विरुद्ध विद्वेष फैलाने वाली भाषा, अमर्यादित,
असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं करेंगे।

• कार्यक्रम में शामिल नाबालिक बच्चों से किसी प्रकार के विवादित नारे आदि नहीं लगवाए जायेंगे।

• इस दौरान अनुमन्य संख्या में ही दो पहिया तथा चार पहिया गाड़ियों को प्रवेश दिया जाए, जिससे आयोजन के दौरान सार्वजनिक मार्ग, यातायात, जन सुविधा और सामान्य जनजीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

• कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक ध्वज दंड के अतिरिक्त किसी भी प्रकार के घातक वस्तु का उपयोग नहीं करेंगे।

• कार्यक्रम में प्रस्तावित मांगों का ज्ञापन, सभा स्थल पर उपलब्ध सक्षम अधिकारी के माध्यम से सौंपे जाएंगे।

• कार्यक्रम के दौरान किसी भी अप्रिय या असहज स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी आयोजकगण
की होगी तथा उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

• कार्यक्रम के दौरान अपेक्षित भीड़ को दृष्टिगत रखते हुए लगाए गए पुलिसबल का भुगतान आयोजकगण द्वारा
किया जाएगा।

• शांत क्षेत्र में किसी प्रकार के संगीत ढोल/लाउडस्पीकर प्रणाली का प्रयोग प्रतिबन्धित रहेगा।

• यातायात व अग्निशमन विभाग से संबंधित समस्त निर्देशों/मानकों/को प्रतिबन्धों का अनुपालन करना अनिवार्य है।

• प्रस्तावित कार्यक्रम के सम्बन्ध में यदि किसी स्थान का व विभाग/संस्था से अनुमति लेना आवश्यक हो तो आयोजक स्वयं के स्तर से प्राप्त करेंगे एवं आवश्यकतानुसार पुलिस के मांगने पर प्रस्तुत करेंगे। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के उपरान्त ही उक्त स्थान पर कार्यक्रम करेंगे।

• सड़क एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर वाहनों की पार्किंग नहीं की जायेगी, किसी भी दशा में सड़क एवं यातायात बाधित नहीं करेगें।

• ध्वनि के सम्बन्ध में आस-पास की वायु गुणवता के मानक ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम-2000 यथा संशोधित के नियम 3(1) और 4(1) के अनुरुप लागू होंगेहों गे, जिसका अनुपालन करना होगा।

• उपरोक्त अनुज्ञा की शर्तों एवं ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियत्रण) नियम-2000 यथासंशोधित के प्राविधानों
का उल्लघंन पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा-15 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है।

• इस अनुमति के आधार पर आवेदक विधि द्वारा स्थापित किसी अन्य नियम, उपनियम, शासनादेश, सर्कुलर के
अधीन किसी अन्य अनुमति/अनापत्ति/लाईसेंस से मुक्त नहीं होगा।

• धारा 172 बीएनएसएस के प्रावधानों के दृष्टिगत शान्ति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस द्वारा दिए गए निर्देशों का
पालन करना होगा।

• सार्वजनिक स्थान जहां लाउड स्पीकर या सम्बोधन प्रणाली या ध्वनि का कोई अन्य स्रोतो जैसे डी0जे0 आदि
उपयोग में लाया जा रहा है, में ध्वनि का स्तर,क्षेत्र के लिये निर्धारित स्तर से दस डेसीबल अधिक या अधिकतम 75
डेसीबल जो भी कम हो, से अधिक नही होगा । ध्वनि के सम्बन्ध में आस-पास की वायु गुणवता के मानक ध्वनि
प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम-2000 यथासंशोधित के नियम 3(1) और 4(1) के अनुरुप लागू होगे, जिसका अनुपालन करना होगा।

• कार्यक्रम के दौरान कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की आतिशबाजी व अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग तथा हर्ष फायरिंग
नहीं किया जायेगा। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर पूर्णरुप से आयोजक की जिम्मेदारी होगी।

• किसी भी दशा में पण्डाल तीन मीटर से कम ऊंचाई में न लगाया जाये। पण्डाल बनाते समय सेन्थेटिक सामग्री का
बना कपड़ा या रस्सी प्रयोग में लाए।

• कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था हेतु पर्याप्त मात्रा में प्राईवेट सुरक्षा कर्मी लगाना सुनिश्चित करें। किसी भी
प्रकार की अव्यवस्था न उत्पन्न करें। यातायात व्यवस्था बाधित न करें।

• किसी भी प्रकार की विरोधात्मक/उत्तेजनात्मक/सांप्रदायिक/जाति विशेष पर टीका-टिप्पणी नहीं करेंगे।

• उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में तेज आवाज से ध्वनि प्रदूषण पर प्रतिबन्ध रहेगा। आयोजन के दौरान रात्रि
दस बजे से प्रातः छह बजे तक ध्वनि प्रसारण यन्त्रों का प्रयोग नही करेगें।

• आयोजक द्दारा कार्यक्रम स्थान के किराये आदि के सम्बन्ध में नगर निगम व अन्य विभागों को स्वयं के स्तर से
भुगतान करना होगा।

• कोविड.19 से संबंधित गाइड-लाइन का अक्षरशः पालन करना होगा।

• किसी भी प्रकार के जुलूस/शोभा यात्रा की अनुमति नही है।

• उपरोक्त शर्तों का पूर्ण रूपेण पालन किया जाये। किसी भी शर्त का उल्लंघन होने एवं किसी विशेष परिस्थिति में
अनुमति स्वतः ही निरस्त मानी जायेगी ।

यह भी पढ़ें- स्‍वामी अविमुक्तेश्‍वरानंद का CM योगी से तीखा सवाल, क्‍या जिसे प्रमाणपत्र देंगे वही होगा शंकराचार्य