महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़, 20 साल बाद साथ आए ठाकरे बंधु किया गठबंधन का ऐलान

ठाकरे बंधु
प्रेसवार्ता में बोलते उद्धव ठाकरे साथ में राज ठाकरे।

आरयू वेब टीम। स्थानीय निकाय चुनावों में हार के बाद विपक्षी दल अब सबसे अहम माने जाने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव की तैयारियों में पूरी तरह जुट गए हैं। इसी कड़ी में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने बीएमसी समेत राज्य की 29 नगर निगमों के चुनाव के लिए औपचारिक गठबंधन का ऐलान कर दिया है। ऐसे में करीब 20 साल बाद ठाकरे बंधुओं का साथ आना महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

मुंबई में हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक मंच पर नजर आए। जहां उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र का नेतृत्व सिर्फ ठाकरे ही कर सकते हैं। महाराष्ट्र आंदोलन का जिक्र करते हुए बताया कि 107 लोगों की शहादत के बाद महाराष्ट्र बना था और उस आंदोलन की अगुवाई उनके दादा कर रहे थे। उन्होंने ये भी कहा कि उनके और राज ठाकरे के पिता भी उस संघर्ष का हिस्सा रहे हैं।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र बनने के बाद मराठी लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए शिवसेना की स्थापना हुई। उन्होंने गठबंधन का ऐलान करते हुए कहा कि जो लोग पहले महाराष्ट्र के लिए लड़े, वही लोग आज भी नए सिरे से प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में बैठे “दो लोगों” का जिक्र करते हुए कहा कि वही ताकतें महाराष्ट्र को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं। उद्धव ने साफ कहा, “हम एक साथ रहने और एक साथ लड़ने के लिए साथ आए हैं। हमारी सोच एक है।”

महाराष्ट्र और मुंबई किसी भी आपसी झगड़े से बड़ी: राज ठाकरे

राज ठाकरे ने भी मंच से बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई किसी भी आपसी झगड़े से बड़े हैं। आज हम दोनों भाई साथ हैं और सीटों का बंटवारा हमारे लिए सबसे अहम मुद्दा नहीं है। राज ठाकरे ने दावा किया कि बीएमसी का मेयर मराठी ही होगा और वही इस गठबंधन का होगा। दरअसल प्रेसवार्ता से पहले ठाकरे ब्रदर्स मुंबई के शिवाजी पार्क पहुंचे। इस दौरान उद्धव ठाकरे के साथ उनके बेटे आदित्य ठाकरे और राज ठाकरे के साथ उनके बेटे अमित ठाकरे भी मौजूद थे। पूरा ठाकरे परिवार एक साथ शिवाजी पार्क पहुंचा, जिसे राजनीतिक तौर पर एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।

वहीं राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इसे “बहुत बड़ा दिन” बताया। उन्होंने कहा कि बालासाहब ठाकरे का पूरा परिवार एक साथ आ रहा है। यह सिर्फ पारिवारिक नहीं, बल्कि एक राजनीतिक गठबंधन है, जिसका सीधा फायदा बीएमसी और अन्य नगर निगम चुनावों में मिलेगा। राउत ने दावा किया कि बीएमसी उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ही जीतने जा रहे हैं।

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इस दौरान दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति बन चुकी है। हालांकि, इसमें कुछ अड़चनें भी आई थीं। गठबंधन का ऐलान 23 दिसंबर को होना था, लेकिन आखिरी वक्त में इसे एक दिन के लिए टाल दिया गया था। वजह यह थी कि कुछ सीटों पर पेंच फंसा हुआ था। जानकारी के मुताबिक, शिवसेना (यूबीटी) पिछले बीएमसी चुनाव में जीती अपनी 84 सीटों में से 12 से 15 सीटें एमएनएस को देने के लिए तैयार थी, लेकिन मुश्किल मानी जाने वाली सीटों को लेकर बातचीत अटक गई थी।

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