आरयू ब्यूरो, लखनऊ। योगी सरकार में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य उस समय नाराज हो गईं, जब उन्हें रिसीव करने की व्यवस्थाओं को लेकर प्रोटोकॉल में लापरवाही सामने आई। मंत्री की ओर से एटा के जिलाधिकारी अरविंद सिंह को 17 बार फोन कॉल किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि जिलाधिकारी ने न तो कोई कॉल रिसीव की और न ही बाद में कॉल बैक कर मंत्री को कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। जिसके बाद कैबिनेट मंत्री डीएम की क्लास लगाते हुए पूछा क्या आप प्रोटोकॉल में हमसे बड़े हैं, जो हमसे बात नहीं करेंगे?”
इतना ही नहीं, मंत्री बेबी रानी के स्वागत और उन्हें रिसीव करने के लिए किसी उपजिलाधिकारी को भी नहीं लगाया गया था। कार्यक्रम से पहले मंत्री एटा कलेक्ट्रेट पहुंचीं, जहां उन्हें सलामी दी जानी थी। इसी दौरान जिलाधिकारी अरविंद सिंह आगे बढ़कर मंत्री का स्वागत करने पहुंचे और उन्हें गुलदस्ता भेंट करना चाहा, लेकिन मंत्री ने गुलदस्ता लेने से साफ इनकार कर दिया।
इस दौरान मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वह व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए लगातार फोन कर रही थीं, लेकिन उनकी कॉल रिसीव नहीं की गई। मंत्री ने ये भी कहा कि उनका पीए भी लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहा था, इसके बावजूद कॉल बैक तक नहीं किया गया। साथ ही बेबी रानी ने डीएम अरविंद सिंह से सवाल किया, “क्या आप प्रोटोकॉल में हमसे बड़े हैं, जो हमसे बात नहीं करेंगे?” ये भी स्पष्ट किया कि इस तरह की अव्यवस्था नहीं चलेगी और जरूरत पड़ने पर वह इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगी।
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वहीं बातचीत के दौरान जिलाधिकारी अरविंद सिंह अपनी सफाई देते नजर आए, जबकि नाराजगी देखकर मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी असहज दिखाई दिए। बता दें कि आइएएस अरविंद सिंह मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश कैडर में 2015 बैच के आइएएस अधिकारी हैं। एटा से पहले वह राजस्व परिषद लखनऊ में तैनात रहे हैं और बलरामपुर के डीएम के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।
