शंकराचार्य अविमुक्तेश्‍वरानंद ने CM योगी को बताया कालनेमि, कहा नहीं किया जा सकता इनका भरोसा

शंकराचार्य
फाइल फोटो।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ/वाराणसी। माघ मेले में स्नान को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। लगातार बयानों के बाद से ही सीएम योगी आदित्यनाथ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के निशाने पर हैं। अब अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी को कालनेमि करार दिया है। शंकराचार्य ने कहा कि जो व्यक्ति नाम से कुछ और वेशभूषा से कुछ और और आचरण से कुछ और हो उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। ऐसे सीएम को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

योगी को सत्ता में बैठने का अधिकार नहीं

शंकराचार्य ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नीचे बैठने वाले दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक उनकी कार्यशैली पर बड़ा प्रश्‍न चिन्ह लगा रहे हैं। इस तरह के प्रश्‍न चिन्ह लगने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सत्ता में बैठे रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

पाप धोने का प्रयास कर रहें ब्रजेश पाठक

इस दौरान उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों के सम्मान पर अविमुक्तेश्‍वरानंद ने तंज कसते हुए कहा कि ये ठीक है, लेकिन कहीं ना कहीं वह अपने पार्टी के लोगों द्वारा किए गए पाप को धोने का प्रयास कर रहे हैं। आगे कहा कि प्रयागराज में किस तरह बटुकों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया, उसपर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बृजेश पाठक ने यह दिखाने की कोशिश की है कि वह और उनकी पार्टी के लोग बटुकों का सम्मान करने वाले हैं।

गाय को राज्य माता का दर्जा दिलाने के भरेंगे हुंकार

वहीं सीएम योगी को गाय को राज्य माता का दर्जा देने के 40 दिन के अल्टीमेटम पर शंकराचार्य नें कहा है कि 20 दिन खत्म हो चुका है और बाकी के 20 दिन बचे हुए हैं। 40 दिन का अल्टीमेटम पूरा होने पर हम धर्माचार्यों के साथ लखनऊ के लिए हुंकार भरेंगे।

बंगाल से ज्‍यादा हो रही यूपी में गौ हत्‍या

इस दौरान स्‍वामी अविमुक्तेश्‍वरानंद ने देशभर के धर्माचार्यों से सहयोग की अपील भी की है। शंकराचार्य ने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस के माध्यम से सबसे ज्यादा बीफ का व्यापार हो रहा है और उत्तर प्रदेश की तुलना में बंगाल में गौ हत्या कम है।

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भाजपा में घुट रहा दम

इसके अलावा शंकराचार्य ने दावा किया है कि प्रदेश में भाजपा के कई पदाधिकारी पार्टी छोड़कर उनसे मुलाकात करने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जिले स्तर के भाजपा के कई पदाधिकारी उनसे मुलाकात कर चुके हैं। उन पदाधिकारी का कहना था कि भाजपा में उनका दम घुट रहा है, इसलिए वह अब सनातन और सनातन धर्म की रक्षा के लिए काम करना चाहते हैं।

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