आरयू वेब टीम। बेकाबू वाहन चालकों पर लगाम लगाने में नाकाम पुलिस की लापरवाही के चलते आज आगरा की सड़कें खून से लाल हो गयी। शराब के नशे में धुत चालक ने तेज रफ्तार कंटेनर से श्रद्धालुओं से भरे दो ऑटो को कुचल डाला। जिसके चलते ऑटो में सवार महिला व मासूमों समेत पांच श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गयी, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। राहगीरों से सूचना पर खंदौली पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां पर चिकित्सकों ने पांच घायलों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में दोनों ही ऑटो बुरी तरह से डैमेज हो गए। वहीं घटना को अंजाम देने के बाद भाग रहे मनबढ़ कंटेनर ड्राइवर को आक्रोशित भीड़ ने पकड़कर पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया।
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मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार करीब 11 बजे खंदौली थाना क्षेत्र में जलेसर रोड पर नगला चंदन के पास बेकाबू कंटेनर ने सवारियों से भरे दो ऑटो में टक्कर मारी। कंटेनर की टक्कर से दोनों ऑटो सड़क किनारे करीब 50 फीट दूर एक पेड़ से टकराकर गड्ढे में जाकर पलट गए, जिसमें चीख-पुकार मच गई। जिसे सुनकर राहगीर पहुंचे तो मौके पर लाशें और खून बिखरा देख उनकी रूह कांप उठी। जिसके बाद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। ऑटो में सवार लोगों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। हादसे में एक ऑटो की छत उड़ गई तो दूसरा ऑटो दो हिस्सों में बंट गया। कई लोगों की हालत बहुत नाजुक बताई जा रही है।
सौ किलोमीटर से भी ज्यादा थीं कंटेनर की स्पीड
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक की रफ्तार सौ किमी/घंटा से भी ज्यादा थी। ट्रक चालक नशे में था और वाहन बेकाबू हो गया। ऑटो सड़क के किनारे चल रहे थे, लेकिन ट्रक उन्हें रौंदते हुए आगे बढ़ गया। बताया जा रहा है कि ऑटो में सवार लोग चार धाम यात्रा से लौट रहे थे। वे आगरा स्टेशन से अपने गांव की ओर जा रहे थे। मरने वालों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे समेत आठ लोग शामिल हैं। जबकि घायलों में भी कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस भी पांच बेगुनाहों की मौत के लिए जिम्मेदार!
हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने भाग रहे चालक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना को अंजाम देने वाले नशेड़ी चालक को बचाया। प्रत्यक्षदर्शी कंटेनर चालक के साथ पुलिस को भी इस घटना के लिए दोषी मान रहे थें। लोगों का कहना था कि पुलिस की लापरवाही की वजह से ही नशेड़ी चालक आम लोगों की जान ले रहें हैं। जबकि पुलिस के अधिकारी अपना पूरा दिमाग हादसे रोकने की जगह घटना को ही हल्का साबित करने में लगाते रहते हैंं, इस वजह से भी अकसर इस तरह के हादसे हो रहें।




















