अखिलेश का मायावती पर पलटवार, भाजपा-बसपा के बीच जारी है साठगांठ

जारी है साठगांठ
प्रेसवार्ता में बोलते अखिलेश यादव साथ में अन्‍य।

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। बीएसपी चीफ मायावती ने आज कांशीराम की पुण्यतिथि पर रैली के मंच से समाजवादी पार्टी पर स्‍मारकों के टिकट का पैसा दबाने व उसकी देखरेख में अंदेखी समेत कई गंभीर आरोप लगाए। जिसपर पलटवार करते हुए यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मायावती के आरोपों का जवाब दिया है। साथ ही अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी और बीएसपी के बीच साठगांठ अभी जारी है। वे अत्याचार करने वालों भाजपा सरकार की आभारी हैं तो हम क्या कर सकते हैं।

इससे पहले अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर कांशीराम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही कहा कि पीडीए की लड़ाई बड़ी है। इसमें हमारे महापुरुषों ने जो योगदान दिया है। उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इस दौरान मीडिया से बातचीत कर अखिलेश यादव ने स्‍मारकों की अंदेखी के लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि हमने लखनऊ विकास प्राधिकरण को निर्देश दिया था कि लखनऊ में बने कांशीराम स्मारक की देखभाल करें।

भाजपा राज में स्मारकों के पत्थर काले पड़ गए

सपा ने न केवल स्मारकों का संरक्षण किया, बल्कि उन्हें आगे भी संवारा। एक बार मैं एयरपोर्ट जा रहा था, तब देखा कि खजूर के पेड़ सूख रहे हैं। हमने फूलदार पौधे लगवाए। कांशीराम स्थल में लगे खजूर के पेड़ सूख गए थे तो हमने क्रोशिया लगवाया था। पत्थरों की चमक भी बरकरार रखी। भाजपा राज में स्मारकों के पत्थर काले पड़ गए हैं, क्योंकि अब इसकी देखभाल ठीक से नहीं हो रही है।

आगे कहा कि विधानसभा के रिकॉर्ड में दर्ज है कि हमने अफसरों को निर्देशित किया था कि सभी स्मारकों का निरीक्षण और देखभाल की जाए। वहीं “समाजवादी पार्टी और नेताजी ने वंचित शोषित लोगों को कैसे राजनीतिक सम्मान मिले सदा उसके लिए काम किया। मान्यवर काशीराम जी को इटावा से सांसद बनने के लिए नेताजी और समाजवादी लोगों का सहयोग रहा।” साथा ही कहा कि हम सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ते रहेंगे। नेताजी ने कांशीराम जी का सहयोग किया था और इटावा से सांसद बनने में उनकी मदद की थी।

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इतना ही नहीं अखिलेश यादव ने बरेली की हालिया घटना को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कानपुर में रोशनी की रात में जिन लोगों पर एफआइआर हुई वे समाजसेवी थे, जो भूखों को खाना खिलाते थे। सरकार ने उन्हें निशाना बनाया ताकि अखिलेश दुबे को बचाया जा सके। बरेली की घटना कानपुर प्रकरण से ध्यान भटकाने के लिए की गई।

वहीं योगी सरकार से सवाल करते हुए सपा मुखिया ने कहा कि अगर बुलडोजर चलाना ही है तो अखिलेश दुबे की संपत्तियों पर क्यों नहीं चलाया गया? इस घटना से सरकार राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। बरेली में छोटे बच्चों को जेल भेजना निंदनीय है। सरकार आने पर सभी फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएंगे।

साथ ही कहा कि जिस जिला अधिकारी ने हमें कटहरी उपचुनाव हराया था उसको अब बड़ा जिला मिला है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जानबूझकर बरेली में ये सब कराया ताकि भाजपा को फायदा हो।

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