आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले, भारत की विदेश नीति और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए आतंकवाद, विदेश नीति की असफलता और शासन में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
सपा मुखिया ने कहा कि बार-बार आतंकी घटनाएं होना सरकार की नाकामी को दर्शाता है। अखिलेश ने पूछा, “पिछले हमलों में शहीद हुए जवानों के बारे में भी पूरी जानकारी क्यों नहीं दी गई? आतंकवाद को रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है?” अखिलेश ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना की बहादुरी की सराहना की और कहा, “हम सेना के साहस और पराक्रम को सलाम करते हैं। अगर उन्हें और मौका मिलता, तो शायद पीओके भी हमारे पास होता।
वहीं पहलगाम हमले के बाद भारत ने कहा था कि पाकिस्तान के साथ सभी रिश्ते खत्म हो जाएंगे, लेकिन एशिया कप में दोनों देशों के बीच फिर से क्रिकेट मैच होने पर अखिलेश ने विदेश नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा, “हमारी विदेश नीति असफल रही है। भारत का सम्मान कई देश करते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर कोई हमारे साथ खड़ा नहीं होता।” उन्होंने चीन के साथ व्यापार पर भी सवाल उठाए और कहा, “भारत चीन को इतना व्यापार दे रहा है, फिर भी हमारी सीमाओं पर खतरा बरकरार है। सरकार को दस साल का कार्यक्रम बनाना चाहिए, जिसमें चीन का सामान भारत में न आए। जैसे नोटबंदी और कोविड में थाली बजाने जैसे अभियान चले, वैसे ही स्वदेशी को बढ़ावा देने का अभियान शुरू हो।”
इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा, “सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड कोई उपलब्धि नहीं है। अगर काम न करने का रिकॉर्ड बनता, तो योगी जी पहले नंबर पर होते।” उन्होंने डबल इंजन की सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, “लखनऊ से दिल्ली तक कोई सुरंग खोद रहा है, लेकिन जनता को इसका पता नहीं। विकास के नाम पर सिर्फ दिखावा हो रहा है।”
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अखिलेश ने जनता से जागरूक रहने और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने की अपील की। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान से खतरा है, लेकिन असली खतरा चीन से है। सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने चाहिए।” साथ ही पहलगाम हमले और आतंकवाद के मुद्दे पर अखिलेश ने कहा कि सरकार को पारदर्शिता दिखानी होगी। जनता को सच जानने का हक है। आतंकी हमलों को रोकने और जवानों की शहादत पर स्पष्ट जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है।




















