शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से दुर्व्यवहार के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने दिया इस्तीफा, लेटर वायरल

सिटी मजिस्ट्रेट
पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे का एक पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर अचानक से उनके इस्तीफे से प्रशासनिक और राजनीतिक हलके में हड़कंप मच गया है। दरअसल अलंकार अग्निहोत्री प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर भी नाराजगी जता चुके हैं। जिसे वह ब्राह्मणों के अपमान से जोड़कर नाराजगी जता चुके हैं।

जानकारी के मुताबिक अलंकार अग्निहोत्री ने पहले अपने फेसबुक अकाउंट से यूजीसी एक्ट का विरोध किया था। जिनमें उन्होंने यूजीसी एक्ट को लेकर अपनी असहमति जताई। इसके पहले वे शंकाराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों पर हाल ही में हुई प्रशासनिक कार्रवाई से भी नाराज जता चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इसी नाराजगी के चलते उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

सोशल मीडिया में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के नाम से वायरल हो रहे एक पत्र को राज्यपाल, मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव आयुक्त को भेजा गया है, जिसमें प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ स्थानीय प्रशासन द्वारा मारपीट करने और भारत सरकार द्वारा जारी यूजीसी रेगुलेशन्स 2026 का जिक्र किया गया है। इन्हीं मुद्दों के चलते उन्होंने उत्तर प्रदेश प्रान्तीय सिविल सेवा से अपना इस्तीफा देने की बात कही है।

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वायरल पत्र में लिखा गया है कि, मैं अलंकार अग्निहोत्री वर्तमान में उत्तर प्रदेश प्रान्तीय सेवा में 2019 बैच का राजपत्रित अधिकारी हूं। वर्तमान में मैं सिटी मजिस्ट्रेट, बरेली में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। साथ ही पत्र में लिखा है कि मैं ये भी आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि अखिल भारतीय हिन्दू विश्वविद्यालय के अन्तर्गत आइआइटी बीएचयू से बीटेक की उपाधि अर्जित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिसके लिये मैं भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय का जीवन भर आभारी रहूंगा। उन्होंने पत्र में आगे कहा है कि उनके स्वप्न के आधार पर जिस प्रकार से उन्होंने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की थी, उसी प्रेरणा के साथ काशी एवं वीरभूमि हनुमान जी को ध्यान में रखकर अपने भाव व्यक्त कर रहा हूं।

बता दें कि बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पद से इस्तीफा देने से पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के फैसला का विरोध कर चुके हैं। इसे लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट भी साझा किया था। उस पोस्ट में उन्होंने यूजीसी के फैसले का विरोध करते हुए उसे काला कानून बताया था और वापस लेने की भी मांग की थी।

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