आरयू ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही जिले का नाम बदलने की घोषणा की। भदोही में आयोजित एक कार्यक्रम में घोषणा करते हुए सीएम योगी ने कहा, ‘अब हमारा भदोही जिला ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा।’ योगी भदोही में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां योगी ने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
सीएम योगी ने रविवार को कहा कि संत रविदास नगर (भदोही), मिर्जापुर और वाराणसी को सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा तथा वाराणसी-विंध्य रीजनल डेवलपमेंट प्लान को जल्द लागू किया जाएगा। सीएम योगी ने यहां इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण में कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और प्रमुख उद्यमियों के साथ संवाद के दौरान यह बात कही।
साथ ही कहा, “संत रविदास ने अपनी साधना के माध्यम से समाज को जोड़ने का काम किया था, ऐसे संत के नाम से अब भदोही जाना जाएगा। मध्यकाल में इस संत की ख्याति कितनी थी, उन्होंने उस समय कहा था ऐसा चाहो राज में जहां मिले सबको अन्न, छोट-बड़ो सब समबसे रहे दास रहे प्रसन्न।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा,”जिस संत ने आज से 600 वर्ष पहले ये कामना की थी कि ऐसा राज हमें चाहिए जहां सभी को अन्न मिले और बिना किसी भेदभाव के हमें योजनाओं का लाभ मिले, ऐसा राज होना चाहिए।”
यह भी पढ़ें- भदोही का नाम बदलने पर मायावती ने जताया योगी सरकार का आभार, सपा पर बोला हमला
इस दौरान उद्यमियों ने कालीन उद्योग के लिए अलग नीति बनाने, कारोबार से जुड़ी आवश्यकताओं तथा महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने सहित विभिन्न मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। सीएम योगी ने उद्यमियों की समस्याओं और सुझावों को सुनकर संबंधित मुद्दों पर सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने सुझाव को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हस्तनिर्मित कालीन उद्योग से जुड़े बुनकरों ने अपने पूर्वजों की विरासत को जीवित रखा है।




















