चुनाव में धांधली के बयान वाले जीतन राम मांझी के वीडियो पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर आरोप, ये लोग ‘वोट चोरी’ कर जीत रहे चुनाव’

वोट चोरी
जीतन राम मांझी। (फाइल फोटो)

आरयू वेब टीम। कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के सहयोंगियों द्वारा लगातार सत्‍ता पक्ष पर वोट चो‍री कर चुनाव जीतने का आरोप लगाया जा रहा है। इसे लेकर कांग्रेस ने कई सबूत‍ भी दिए हैं। इस बीच केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी के एक वायरल वीडियो ने राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। वीडियो सामने आने के बाद पहले राजद और अब कांग्रेस ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही वीडियो साझा कर इसे “वोट चोरी का सबूत” करार दिया। चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा कर कहा, ये लोग चुनाव आयोग के साथ सेटिंग करके लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं और वोट चोरी कर चुनाव जीत रहे हैं।

दरअसल वायरल वीडियो में कही गई बातों को आधार बनाते हुए कांग्रेस ने अपने पोस्ट में  कहा, ” ये है वोट चोरी का सबूत। मोदी सरकार के मंत्री जीतन राम मांझी का कहना है कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उनका एक कैंडिडेट बुरी तरह हार रहा था। फिर मोदी के मंत्री ने डीएम से सेटिंग की और 2700 वोट से हारते कैंडिडेट को जितवा दिया गया। इस बार उस कैंडिडेट ने मंत्री से संपर्क नहीं किया, इसलिए वो सेटिंग न कर पाए और वो कैंडिडेट चुनाव हार गया। जानकारी के लिए डीएम ही चुनाव आयोग के अधिकारी होते हैं।” पोस्ट में कांग्रेस ने आगे कहा कि इस बयान से साफ है। नरेंद्र मोदी भाजपा और इनके सहयोगी दल ‘वोट चोरी’ करके चुनाव जीत रहे हैं। ये लोग चुनाव आयोग के साथ सेटिंग करके लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं।

चुनाव जितने का शाही फॉर्मूला बता रहे: आरजेडी

वहीं मांझी के बयान पर आरजेडी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि यह भारत सरकार में कैबिनेट मंत्री, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तथा हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी जी है जो ठगेश कुमार जैसे पिद्दी पालतू आयुक्त के मुंह पर करारा तमाचा जड़ डंके की चोट पर खुले मंच से चुनाव नतीजों में हेरा-फेरी, मशीनरी और धांधली से चुनाव जितने का शाही फॉर्मूला बता रहे हैं।

आरजेडी ने कहा, “ये बता रहे है कि कैसे इनकी पार्टी ने 2020 में 2700 वोट से हारने के बाद भी टिकारी विधानसभा का चुनाव जीता था और कैसे त्रिपुरा कैडर के 2006 बैच के बिहार में डेप्युटेशन पर पदस्थापित तत्कालीन भ्रष्ट, जातिवादी, निकम्मे, नालायक व नाजायज जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने अपनी शपथ भूल बाबा साहेब के संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए अनैतिक रूप से चुनाव जिताने में उनकी मदद की थी। इसका उस भ्रष्ट अधिकारी को ईनाम भी मिलता रहा और वह बिहार में एक्सटेंशन पर एक्सटेंशन प्राप्त करता रहा।”

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बता दें कि सोशल मीडिया पर जीतन राम मांझी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में वह कह रहे हैं, “एक सीट गलती से वु हार गेलन। अगर वो हमसे कहे होते, जैसा 2020 में उन्होंने हमसे कहा था। हम हार रहे हैं, कोई उपाय है। उस समय वो 2700 वोट से हार रहे थे। हम प्रयास किए और वो जीत गए। 2025 में महज वो 1600 वोट से हारे हैं। दुर्भाग्य हमारा है। उनका क्या दिमाग हो गया, हमसे बात नहीं किए। सीधे मैदान छोड़कर भाग गए।

जो साथी कलेक्टर जो 2020 में अभिषेक सिंह रहे। वो त्रिपुरा में हैं अभी। उन्होंने टेलीफोन किया था। सर हम, आपको 2700 वोट से पीछे थे, तो जीता दिए। इस बार तो 1600 वोट का मामला था। जीता देने में क्या दिक्कत रही। हम भी माथा पीट लिए कि हमारे पास जानकारी होती तब न। खैर, कहने का मतलब। हम जो रात दिन जनता के काम से बैठे रहते हैं, गया में।”

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मगही में यह बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद बिहार समेत देशभर में बवाल मचा है। उसके बाद एक बार फिर वोट चोरी और धांधली का मुद्दा खड़ा हो गया है। गयाजी जिले के बाराचट्टी विधानसभा क्षेत्र के मोहनपुर प्रखंड के एक कार्यक्रम में जीतनराम मांझी ने यह बयान दिया है। हालांकि जीतन राम मांझी ने कहा है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है।

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