बरेली नमाज केस में DM-SP को नसीहत करने वाले जज की बदली जिम्मेदारी, अब हाईकोर्ट में नहीं देखेंगे क्राइम मामले

हाईकोर्ट जज
हाईकोर्ट जज अतुल श्रीधरन। (फाइल फोटो)

आरयू ब्यूरो, प्रयागराज। बरेली में घर में नमाज और मस्जिद में नमाजियों की सीमित संख्या का आदेश पर डीएम और एसएसपी को नसीहत देना इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज अतुल श्रीधरन को भारी पड़ गया है। अब से वो क्राइम मामले नहीं देखेंगे। हाईकोर्ट ने हाल ही बेंचों का नया रोस्टर जारी किया गया है, जिसमें ये बदलाव हुए हैं।

जस्टिस अतुल श्रीधरन अब क्राइम मामलों की जगह पारिवारिक मामले और सीनियर सिटीजन एक्ट के मामलों की सुनवाई करेंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर जारी नए रोस्टर को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। ये बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब हाल ही में जज अतुल श्रीधरन ने बरेली के आंवला में मोहम्मदाबाद गांव में नमाज मामले को लेकर सुर्खियों में थे।

गौरतलब है कि सुनवाई के दौरान अतुल श्रीधरन ने प्रशासन व अधिकारियों के रवैये पर सवाल उठाते हुए बरेली के डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया और घटना का स्पष्टीकरण मांगा, जिसके बाद उन्हें फिर से आज 25 मार्च को फिर से कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे।

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दरअसल ये मामला छह जनवरी का है जब बरेली में एक निजी घर में सामूहिक नमाज अदा की गई थी, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया। याचिकाकर्ता ने इस कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए उसके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया था, लेकिन अब अतुल श्रीधरन इस मामले की सुनवाई नहीं कर पाएंगे।

बता दें कि जस्टिस अतुल श्रीधरन मूल रूप से मध्य प्रदेश में हाईकोर्ट के जज थे। बीते साल अक्टूबर 2025 में उनका इलाहाबाद हाईकोर्ट में तबादला किया गया था, लेकिन अब उनका रोस्टर बदले जाने के बाद हर किसी की निगाहें बरेली मामले पर आज होने वाली सुनवाई पर टिक गई है।

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