आरयू वेब टीम। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच एनडीए में अपनी अहमियत गिनाते हुए केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर उनकी पार्टी को 15 से 20 सीटें नहीं दी गईं, तो वे अकेले ही चुनाव मैदान में उतरेंगे। मांझी ने दावा किया कि, जरूरत पड़ी तो उनकी पार्टी सौ सीटों पर उम्मीदवार उतारने से पीछे नहीं हटेगी।
जीतनराम मांझी ने रविवार को बोधगया स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि, इस बार उनकी पार्टी का लक्ष्य हर हाल में मान्यता प्राप्त दल बनना है। इसके लिए उन्हें कम से कम आठ सीटों पर जीत और कुल मतों का छह प्रतिशत वोट हासिल करना जरूरी है। मांझी ने कहा कि, यह तभी संभव है जब एनडीए गठबंधन में उन्हें सम्मानजनक सीटें दी जाएं। पूर्व सीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सीट शेयरिंग में उनकी अनदेखी हुई तो हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा अकेले मैदान में उतरेगी। मांझी ने कहा कि, उनकी पार्टी बिना पैसे खर्च किए जनसभा में भीड़ जुटा सकती है, जबकि कई बड़ी पार्टियां पैसा खर्च करने के बावजूद भीड़ खड़ी नहीं कर पातीं।
साथ ही उन्होंने दावा किया कि, हर विधानसभा क्षेत्र में उनकी पार्टी के दस से 15 हजार वोटर मौजूद हैं और इस आधार पर वे छह प्रतिशत से अधिक वोट आसानी से हासिल कर सकते हैं। मांझी ने कहा कि, पार्टी को बने दस साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक उसे मान्यता प्राप्त दल का दर्जा नहीं मिला है। उन्होंने इसे अपमानजनक करार देते हुए कहा कि इस बार का चुनाव उनके लिए “करो या मरो” की स्थिति है।




















