आरयू वेब टीम। बिहार विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद अब एनडीए की सरकार बनाने को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। इस बीच नीतीश कुमार बुधवार को एनडीए के विधायक दल के नेता चुने गए। इससे पहले मुख्यमंत्री आवास में जेडीयू विधायक दल की बैठक हुई। इसमें नीतीश कुमार को जेडीयू के विधायक दल का नेता चुना गया।
बिहार विधानसभा भवन में एनडीए के विधायकों की बैठक हुई। भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा जिस पर सर्वसम्मति से मुहर लगी। अब नीतीश कुमार राजभवन जाकर इस्तीफा देंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। नीतीश कुमार 20 नवंबर 2025 को 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे।
बिहार में एनडीए की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार (20 नवंबर) को होना है। शपथ ग्रहण समारोह पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने जा रहा है। इसे लेकर व्यापक रूप तैयारियां की जा रही है। इस समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। एनडीए के कई बड़े नेता भी इस समारोह का हिस्सा बनेंगे। इस बीच मंगलवार शाम को सीएम नीतीश कुमार ने गांधी मैदान पहुंचकर नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों का जायजा भी लिया था।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को घोषित हुए थे, जिसमें एनडीए ने बेहतर प्रदर्श करते हुए कुल 202 सीटों पर जीत हासिल की। एनडीए के घटक दल भाजपा को 89 सीटों पर शानदार जीत हासिल हुई और राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं दूसरे नंबर पर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू रही, जिसे 85 सीटों पर जीत मिली।
साथ ही चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति (रामविलास) का स्ट्राइक रेट भी बेहतर रहा। पार्टी ने 29 सीटों पर चुनाव लड़ा और 19 पर जीत हासिल की। ये एनडीए में तीसरे नंबर की सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि पूरे बिहार में चौथे नंबर पर रही। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को पांच और उपेंद्र कुशवाहा की आरएमएल के खाते में चार सीटें गईं। दूसरी तरफ महागठबंधन को महज 35 सीटों पर ही जीत मिली।




















