#IranIsraelWar: संसद में विपक्ष के सांसदों ने किया प्रदर्शन, विदेश मंत्री ने कहा, ‘भारत शांति का पक्षधर, पीएम मोदी बनाए हैं नजर’

संसद में प्रदर्शन
प्रदर्शन करते राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत अन्‍य सांसद।

आरयू वेब टीम। खाड़ी क्षेत्रों में युद्ध को लेकर सोमवार को विपक्ष के सांसदों ने प्रदर्शन किया। सांसदों का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्‍पस्‍टीन फाइल में फंसे नरेंद्र मोदी देश के हितों से समझौता कर रहें हैं। वही राज्‍यसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। भारत क्षेत्र में शांति का पक्षधर है। पीएम मोदी ने खाड़ी के कई देशों से खुद बातचीत की है, हमने ईरानी विदेश मंत्री से बात की।

जयशंकर ने यह भी कहा कि इस इलाके में भारतीय समुदाय की भलाई और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है। पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष भारत के लिए बेहद चिंता का विषय है। हम पड़ोसी इलाके में आते हैं, और पश्चिम एशिया में स्थिरता बनाए रखना हमारी साफ जिम्मेदारी है।

कॉम्‍प्रोमाइज्‍ड प्रधानमंत्री में चर्चा का साहस नहीं

इस दौरान नरेंद्र मोदी की मंशा पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध देश की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन हमारे कॉम्‍प्रोमाइज्‍ड प्रधानमंत्री में इस पर चर्चा करने का साहस नहीं है। शेयर बाज़ार गिर रहा है, एलपीजी की कीमतें बढ़ रही हैं और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच रही हैं – इसका सीधा असर आम आदमी, घरेलू बजट और छोटे व मध्यम व्यवसायों पर पड़ रहा है।

नरेंद्र मोदी को किया जा रहा ब्‍लैकमेल

कांग्रेस सांसद ने गौतम अडानी और एप्‍सटीइन फाइल की ओर इशारा करते हु यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्‍लैकमेल किया जा रहा है। उनके पास भारतीय जनता के हितों को बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। मेरी बात याद रखिए, वे संसद में नहीं आएंगे।

वहीं खाड़ी संकट और भारत पर इसके पड़ने वाले प्रभाव को लेकर को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के दर्जनों सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश हितों के साथ समझौता करने का आरोप लगाया। संसद भवन के पास विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अलावा सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और अन्य दलों के नेता भी शामिल हुए। विपक्ष ने एक बड़ा बैनर भी ले रखा था, जिस पर इंडिया नीड्स लीडरशिप, नॉट साइलेंस (भारत को नेतृत्व की जरूरत, चुप्पी की नहीं) लिखा हुआ था।

हम ऊर्जा जरूरतों को लेकर सतर्क

विदेश मंत्री ने राज्यसभा में सरकार का पक्ष रखने के बाद लोकसभा में भी ईरान युद्ध को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार प्रभावित देशों के संपर्क में है। हम ऊर्जा जरूरतों को लेकर सतर्क है। वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए एडवाइजरी और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। राज्यसभा की तरह लोकसभा में भी विदेश मंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष लगातार हंगामा करते रहे और मध्य पूर्व संकट पर सदन में चर्चा कराने की मांग रहा है।

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इससे पहले सदन में विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया के हालात पर राज्यसभा में अपने बयान में कहा, “हमारी सरकार ने 20 फरवरी को बयान जारी कर गहरी चिंता जताई थी और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी। हमारा मानना ​​है कि तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाना चाहिए।”

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