आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी विधानसभा नए कीर्तिमान स्थापित कर रही। विधानसभा के सदस्य अपने सवालों को रखने के लिए परेशान रहते हैं। कभी-कभी उत्तेजित भी हो जाते हैं। इस सत्र के दौरान एक ही दिन में 11 बिल पारित हुए हैं। विधायकों को अगले सत्र में सदन में बिल पढ़कर आना होगा। किसी भी विधायक को रैंडम बोलने के लिए कहा जा सकता है’। उक्त बातें सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कही।
आज विधानसभा में प्रेसवार्ता कर सतीश महाना ने कहा कि मैंने सभी सदस्यों से कहा था कि एक बात को रिपीट न किया जाए, उसे मैं कार्यवाही में शामिल नहीं करूंगा। विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करने के बाद कई पूर्व विधायक मेरे पास आए। पुराने सदस्य सदन की कार्यवाही की प्रशंसा कर रहे हैं।
बिल आखिर किस विषय से जुड़ा
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अगले सत्र में विधायक केवल बोलने के लिए नहीं, बल्कि तैयारी के साथ सदन में आएं। उन्होंने कहा कि वे प्रयास करेंगे कि किसी भी विधायक को रैंडम तरीके से किसी बिल पर बोलने के लिए कहा जा सके, चाहे उसने हाथ उठाया हो या नहीं। इसलिए कम से कम विधायक बिल पढ़कर तो आएंगे। उन्हें यह तो पता रहेगा कि बिल आखिर किस विषय से जुड़ा है और उसका उद्देश्य क्या है।” उन्होंने साफ किया कि इसका मकसद किसी को असहज करना नहीं, बल्कि सदन की चर्चा को अधिक सार्थक और गंभीर बनाना है।
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अयोध्या ले जाने की योजना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने एक और घोषणा की। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पूरे हो रहे हैं, और इस अवसर पर विधायकों को अयोध्या ले जाने की योजना बनाई जा रही है। ये यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व की भी होगी। इससे विधायकों को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
सदन केवल बहस का मंच नहीं बल्कि…
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उनका निरंतर प्रयास रहेगा कि हर विधायक को सदन की कार्यवाही में भाग लेने का अवसर मिले। उन्होंने माना कि समय की सीमा और सदस्यों की संख्या अधिक होने के कारण सभी को बोलने का मौका नहीं मिल पाता, लेकिन वे इस दिशा में बेहतर संतुलन बनाने का प्रयास करेंगे। सदन केवल बहस का मंच नहीं, बल्कि नीति निर्माण और लोकतांत्रिक विमर्श का केंद्र है।
19 जनवरी को होगी बड़ी कॉन्फ्रेंस
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सतीश महाना ने बताया कि 19 जनवरी को लखनऊ में एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषदों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष की मौजूदगी भी प्रस्तावित है। साथ ही कहा कि इस कॉन्फ्रेंस में विधायी प्रक्रियाओं को और प्रभावी बनाने, सदनों में तकनीक के उपयोग और विधायकों की क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा होगी।




















