आरयू ब्यूरो, लखनऊ। लोक गायिका नेहा सिंह राठौर सोमवार को एक बार फिर लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में बयान दर्ज कराने पहुंची। नेहा सिंह राठौर अपने खिलाफ दर्ज एफआइआर के सिलसिले में पुलिस के सामने पेश हुईं। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई हुई है और उन्हें निर्देश दिया था कि वे जांच अधिकारी के सामने निर्धारित समय पर हाजिर हों और जांच में सहयोग करें।
नेहा सिंह राठौर कोर्ट के इस आदेश का पालन करते हुए आज सुबह 11 बजे थाने पहुंचीं। इस दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि ”मुझे सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी को सुबह 11 बजे हजरतगंज पुलिस स्टेशन में जांच अधिकारी के सामने पेश होने का आदेश दिया था। मैं उसी आदेश का पालन करने यहां आई हूं। मैं न्यायिक प्रक्रिया में अपना पूरा सहयोग दूंगी।”
दरअसल, मामला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ा है, जिसमें पर्यटकों की धर्म पूछकर हत्या की गई थी। इस घटना के बाद नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर कुछ पोस्ट और गाने साझा किए। इनमें सबसे विवादित गाना था, ‘चौकीदारवा कायर बा…,’ जिसे उन्होंने मई 2025 में प्रस्तुत किया। इस गाने में कथित तौर पर भाजपा सरकार के खिलाफ टिप्पणियां की गई थीं, जिसके बाद वाराणसी और लखनऊ में कई एफआइआर दर्ज की गईं।
यह भी पढ़ें- सोशल मीडिया पोस्ट केस में फरारी की बात खारिज कर नेहा राठौर ने कहा, लोकतंत्र में सरकार व प्रधानमंत्री से सवाल पूछना अपराध नहीं
अकेले लंका थाने में ही 318 शिकायतें दर्ज की गईं और कुल मिलाकर 500 से अधिक शिकायतें विभिन्न थानों में पहुंचीं। नेहा के खिलाफ आरोप था कि उनके गानों और पोस्ट ने देश की अखंडता को नुकसान पहुंचाने और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि नेहा की पोस्ट और गाने पाकिस्तान में भी व्यापक रूप से साझा किए गए और भारत की आलोचना के लिए वहां के मीडिया द्वारा इस्तेमाल किए गए। इस मामले में हजरतगंज कोतवाली में एफआइआर दर्ज की गई थी।




















