सोनम वांगचुक ने कहा, लेह हिंसा की हो न्‍यायिक जांच, मांग पूरी होने तक जेल में ही रहने का किया ऐलान

सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक। (फाइल फोटो)

आरयू वेब टीम। लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लेह हिंसा के दौरान मारे गए चार लोगों की मौत की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है। साथ ही जोधपुर सेंट्रल जेल से पत्र लिख रविवार को जारी किया। अपने पत्र में वांगचुक ने लद्दाख वासियों से शांति और एकता बनाए रखने की अपील की है। साथ ही कहा कि “मैं लद्दाख के सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि वे अहिंसा के सच्चे गांधीवादी रास्ते पर चलें और शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखें।”

पत्र में सोनम वांगचुक ने कहा कि “जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों और गिरफ्तार लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं। चार लोगों की मौत की जांच एक स्वतंत्र न्यायिक आयोग से होनी चाहिए। जब तक ऐसा नहीं होता, मैं जेल में ही रहूंगा।” ये लेटर एडवोकेट मुस्तफा हाजी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से साझा किया है, जो लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के कानूनी सलाहकार हैं। उन्होंने और वांगचुक के भाई त्सेतन दोरजे ले ने चार अक्टूबर को जोधपुर सेंट्रल जेल में उनसे मुलाकात की थी।

वांगचुक ने अपने भाई और वकील के माध्यम से संदेश भेजते हुए कहा, “जब तक स्वतंत्र न्यायिक जांच का आदेश नहीं दिया जाता, हम जेल में रहने के लिए तैयार हैं।” उनके अनुसार, यह सिर्फ चार लोगों की मौत की जांच नहीं, बल्कि लद्दाख के जनमानस की आवाज है, जिसे निष्पक्ष रूप से सुना जाना चाहिए।

इसके अलावा अपने पत्र में वांगचुक ने लद्दाखवासियों से शांति और एकता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लिखा- “मैं लद्दाख के सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि वे अहिंसा के सच्चे गांधीवादी रास्ते पर चलें और शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखें।” उन्होंने कहा कि लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग पूरी तरह संवैधानिक और न्यायसंगत है।

वहीं वांगचुक ने अपने पत्र में लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के प्रयासों को समर्थन देने की घोषणा की। साथ ही कहा लद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की हमारी मांग न्यायोचित है। एलएबी जो भी कदम लद्दाख के हित में उठाएगा, मैं उसके साथ पूरी तरह हूं। उन्होंने ये भी कहा कि वह शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।

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सोनम वांगचुक को 24 सितंबर को लेह हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में ले लिया गया। वह इस समय जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर देशभर में विरोध जारी है, और कई सामाजिक संगठनों ने उनकी रिहाई की मांग की है। दरअसल लेह में राज्य का दर्जा बहाल करने और संविधान की छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन हिंसक हो गया और इसमें एक पूर्व सैनिक सहित चार लोगों की मौत हो गई।

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