आखिरकार शिक्षामित्रों को 18 हजार तो अनुदेशकों को मिलेगा 17000 मानदेय, योगी की कैबिनेट में इन फैसलों पर भी लगी मुहर

यूपी कैबिनेट
मंत्रीमंडल के साथ बैठक करते सीएम योगी।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यूपी जनहित से जुड़े 22 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। योगी सरकार ने करीब नौ साल के इंतजार के बाद शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपये और अनुदेशकों का 17,000 रुपये प्रति माह करने का फैसला लिया है। साथ ही ‘स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ के तहत साल 2026-27 के लिए 25 लाख छात्र-छात्राओं को मुफ्त टैबलेट बांटने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई है।

योगी कैबिनेट ने प्रदेश के करीब दो लाख परिवारों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय को लगभग दोगुना कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के अनुसार अब शिक्षामित्रों को दस हजार के बजाय 18,000 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। वहीं अनुदेशकों का मानदेय नौ हजार रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय एक अप्रैल 2026 से लागू होगा और कर्मचारियों को मई के मानदेय के साथ जुड़कर मिलेगा।

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वहीं स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के विस्तार के लिए राज्य सरकार ने बड़े निवेश को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने सत्र 2026-27 के लिए 25 लाख छात्र-छात्राओं को टैबलेट देने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए खरीद प्रक्रिया और बिड की शर्तों को अंतिम रूप दे दिया गया है जिससे युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सके।

कुल 403 करोड़ रुपये होगे खर्च

योगी सरकार ने ‘डॉक्टर बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ को मंजूरी देकर सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस योजना के तहत प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं में बाबा साहेब आंबेडकर, महर्षि वाल्मीकि और अन्य महापुरुषों की मूर्तियों वाले 10-10 स्मारकों (कुल 4030) का सुंदरीकरण किया जाएगा। प्रत्येक स्मारक के विकास के लिए 10 लाख रुपये का बजट तय किया गया है जिस पर कुल 403 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन स्थानों पर बाउंड्री वॉल और मूर्तियों पर छत्र लगाने जैसे कार्य किए जाएंगे।

नए बस स्टेशनों के लिए मुफ्त जमीन

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम अब पीपीपी मॉडल पर 49 नए बस अड्डों का निर्माण करेगा। ये बस अड्डे आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे और इनका डिजाइन एयरपोर्ट की तरह होगी। सरकार ने इसके साथ ही हाथरस, बुलंदशहर और बलरामपुर में नए बस स्टेशनों के लिए मुफ्त जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को भी ओके कर दिया है। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कन्नौज में गंगा नदी और कुशीनगर में नारायणी नदी पर दो नए पुलों के निर्माण के लिए 705.18 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

काबिज भूमि पर ‘भूमिधर’ को दिया जाएग अधिकार

कैबिनेट ने भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय आए विस्थापितों और सीएए के तहत पात्र परिवारों को बड़ी राहत दी है। रामपुर, पीलीभीत, खीरी और बिजनौर में रहने वाले हजारों परिवारों को अब उनकी काबिज भूमि पर ‘भूमिधर’ अधिकार (मालिकाना हक) दिया जाएगा।

इसके अलावा गोरखपुर में 491 करोड़ की लागत से वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय और ग्रेटर नोएडा में निजी क्षेत्र के ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना को मंजूरी मिली है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बलिया में नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण हेतु जमीन हस्तांतरण का रास्ता भी साफ हो गया है।

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