आरयू ब्यूरो, लखनऊ। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार को कहा कि अगले साल 20 और 21 जनवरी को अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का 86वां सम्मेलन राजधानी में आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर की विधानसभाओं के अध्यक्ष तथा राज्यसभा के उपसभापति अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस आयोजन के लिए सहमति दे दी है।
सतीश महाना ने सोमवार को विधानभवन में मीडिया से बात करते हुए कहा कि सम्मेलन के माध्यम से प्रदेश की प्रगति और विकास की झलक प्रस्तुत की जाएगी। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा यूपी को आउट ऑफ टर्न यह अवसर प्रदान किया जाना विशेष सम्मान की बात है। लोकसभा के संरक्षण में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का विस्तृत कार्यक्रम, लोकसभा की टीम के आगमन के बाद तय होगा।
वहीं सम्मेलन में शामिल होने वाले सभी प्रतिनिधियों को अयोध्या, काशी, मथुरा और कुशीनगर जैसे पावन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा। सम्मेलन के लिए हर बार एक थीम निर्धारित की जाती है, जिस पर सभी विधानसभा अध्यक्ष अपने विचार प्रस्तुत करते हैं। देश की विधानसभाओं के विधायकों को प्रशिक्षण देने का उत्तरदायित्व भी लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें सौंपा है, जो प्रदेश के लिए सम्मान की बात है।
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विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मानसून सत्र में विजन डॉक्यूमेंट पर लगातार दो दिनों तक चर्चा हुई, जिसने लोकतांत्रिक परंपरा को और सुदृढ़ता प्रदान की। चर्चा में कुल 193 सदस्यों ने भाग लिया। इनमें भाजपा के 105, अपना दल के सात, राष्ट्रीय लोक दल के दो, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के दो, निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के चार, समाजवादी पार्टी के 65, कांग्रेस के दो, बसपा के एच तथा जनसत्ता दल के दो सदस्य शामिल थे।
इसके अलावा तीन असंबद्ध सदस्यों ने भागीदारी की। मंत्रिपरिषद के कुल 31 सदस्य भी इस विमर्श में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त 24 महिला सदस्य, जिनमें 18 सत्तापक्ष से और छह विपक्ष से थीं, ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।












