आरयू ब्यूरो, लखनऊ। सिराथू से विधायक डॉ. पल्लवी पटेल अपने हजारों समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ शनिवार को चारबाग रेलवे स्टेशन पर जमकर प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब विधायक पल्लवी पटेल खुद ट्रेन के इंजन पर चढ़ गईं और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगी। जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को घसीटकर बसों में भरा और इको गार्डन भेज दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक आज डॉ. पल्लवी पटेल की पार्टी अपना दल कमेरावादी के कार्यकर्ता प्रदेश के अलग- अलग जिलों से लखनऊ पहुंचे थे। सभी कार्यकर्ता चारबाग के बाहर एकत्र हुए थे और वहां से विधानसभा की ओर मार्च निकालने की तैयारी कर रहे थे, हालांकि, पुलिस ने विधानसभा मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर जोरदार नारेबाजी के बीच कई कार्यकर्ता ट्रैक पर उतर गए। देखते ही देखते पल्लवी पटेल इंजन पर चढ़ गईं और सरकार विरोधी नारे लगाने लगीं। करीब डेढ़ घंटे तक स्टेशन पर अफरा- तफरी का माहौल रहा। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को घसीटकर बसों में भरा और इको गार्डन भेज दिया।
इस दौरान पल्लवी पटेल ने कहा कि “भाजपा एक तीर से दो शिकार कर रही है। अदालत से रोक लगवाती है और बाहर अधिकार देने का ढोंग करती है।” प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता अनिल राज कोरी ने कड़े शब्दों में कहा कि “आज रेल रोकी है, जरूरत पड़ी तो एयरपोर्ट पर ताला लगा देंगे। दलित- पिछड़ा वोट तो सबको देता है, लेकिन हक की बात पर सब चुप हो जाते हैं। हमारे लिए मुकदमे मेडल की तरह हैं, हम डरने वाले नहीं हैं।
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गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब डॉ. पल्लवी पटेल ने यूजीसी गाइडलाइन को लेकर प्रदर्शन किया हो. इससे पहले भी उन्होंने लखनऊ के आईटी चौराहे पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया था, जहां पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा होई थी। उस दौरान भी उन्हें हिरासत में लिया गया था, हालांकि बाद में रिहा कर दिया गया। पल्लवी पटेल का कहना है कि यूजीसी गाइडलाइन ओबीसी, एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग के छात्रों को सुरक्षा प्रदान करती है। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालयों में पिछड़े वर्ग और वंचित समुदायों के छात्रों के साथ भेदभाव होता है, जिसके कारण कई छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।




















