आरयू वेब टीम। भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित एक समारोह में पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मुख्यमंत्री के साथ पांच मंत्रिमंडल मंत्रियों ने भी शपथ ली। राज्यपाल आर एन रवि ने मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, निशीथ प्रमाणिक और खुदिराम टुडू शामिल हैं।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ-साथ कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने ब्रिगेड ग्राउंड पहुंचने से पहले एक रोड शो किया। वहीं नई सरकार के मंत्रिमंडल में कई सामाजिक वर्गों को साधने की कोशिश की है। इसमें एक महिला मंत्री (अग्निमित्रा पॉल), एक आदिवासी चेहरा (खुदीराम तुडू), एक ओबीसी प्रतिनिधि, एक मतुआ समुदाय से और एक राजबंशी समुदाय से मंत्री की लिस्ट में शामिल किया गया है।
इस मंत्रिमंडल में पहला नाम भाजपा के सबसे वरिष्ठ चेहरों में दिलीप घोष का है, जो लंबे समय से बंगाल भाजपा में रहे चुके हैं। आरएसएस के प्रचारक के रूप में उन्होंने शुरुआत की। 2014 के बाद बंगाल में भाजपा के विस्तार में अहम भूमिका अदा की है। मेदिनीपुर से वह पूर्व सांसद भी रहे हैं।
भाजपा ने महिला प्रतिनिधित्व को लेकर अग्निमित्रा पॉल को मौका दिया गया है। पेशे से फैशन डिजाइनर, 2019 में राजनीति में एंट्री मारी। वह भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। आसनसोल दक्षिण से विधायक (2021) रहीं। बंगाल भाजपा का प्रमुख महिला चेहरा भी रह चुकी हैं। जबकि अशोक किरतनिया का चयन दक्षिण बंगाल के अहम सामाजिक समीकरण को साधने को लेकर किया गया। बोंगांव उत्तर (उत्तर 24 परगना) से विधायक, मतुआ प्रभाव वाले क्षेत्र में आता है।
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इसके अलावाजंगलमहल और आदिवासी क्षेत्र में भाजपा की पकड़ बनाने वाले तुडू खास चेहरों में एक हैं। बांकारा जिले के आदिवासी नेता रह चुके हैं। रानीबांध सीट से विधायक चुने जा चुके हैं। साथ ही निसिथ प्रमाणिक उत्तर बंगाल से खास चेहरा हैं। केंद्र में गृह और खेल मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे हैं। 2019 में टीएमसी छोड़ भाजपा में शामिल हो गए और राजबंशी समुदाय में मजबूत पकड़ रखते हैं।


















