आरयू ब्यूरो, लखनऊ। जब देश के सामने ऐसा लोकप्रिय व दूरदर्शी सोच का नेता किसी देश को मिलता है तो परिणाम आने में देर नहीं लगते। हमने बदलते भारत को देखा है। 2014 के बाद हर व्यक्ति ने 12 वर्षों में बदलते भारत को देखा है। 2014 के बाद के भारत पर आज की युवा पीढ़ी गर्व कर सकती है। भारत ने तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए, बिना रुके, बिना डिगे अपनी सामर्थ्य का एहसास दुनिया को दिखाया है।
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उक्त बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पीएम मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर लखनऊ में प्रेसवार्ता कर कही। योगी ने कहा कि हमने 12 वर्षों में एहसास किया है कि 1947 से पहले भारत में लोगों की आजादी को रौंदा गया था, लेकिन 1947 के बाद भारत के नागरिकों को बांटने का काम भी किया। किसी ने मत, मजहब, संप्रदाय के नाम पर तो बांटा ही, लेकिन फोकस्ड कार्यक्रम और उनके सफलतम क्रियान्वयन को होते नहीं देखा होगा।
स्वास्थ्य बीमा कवर देने की योजना
वहीं मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए योगी ने कहा कि चार करोड़ परिवारों को उनका सिर ढकने का कार्य हो, या गरीब को अस्पताल में उपचार के लिए पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर देने की योजना। नए उद्यमियों के लिए मुद्रा योजना हो या युवाओं के लिए स्टार्टअप योजना या भ्रष्टाचार मुक्त भारत में नई पहचान के साथ भारत को आगे बढ़ाना। ये 12 वर्ष आस्था और आर्थिकी के वृहद संगम के रूप में भी पहली बार देश ने देखा।
…देश में केवल चार जातियां
इस दौरान मोदी की सराहना करते हुए योगी ने कहा कि पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने ये कहने का साहस किया कि देश में केवल चार जातियां हैं। पहली गरीब की है, दूसरी आधी आबादी महिलाओं की, एक युवा और एक अन्नदाता किसान की है। इन चारों को राजनीतिक एजेंडा का विषय बनाकर उनके उत्थान के लिए जो कार्यक्रम बने वह अद्भुत है।
भारत एक आस्थावान देश
साथ ही विरोधियों पर निशाने पर साधते हुए कहा कि याद करिये, वो कौन लोग थे, जो भारत की आस्था प्रभु राम से परहेज करते थे। लीलाधारी श्रीकृष्ण के नाम से परहेज करते थे। देवाधिदेव महादेव का नाम लेने में संकोच करते थे और भारत की आस्था को अपमानित करना बहुत से लोगों ने अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझ लिया था। भाजपा के आने के बाद भारत ने पहली बार देखा कि भारत की भी आस्था है, भारत आस्थावान देश है।




















