आरयू ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार मौसम संबंधी सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश-विशिष्ट उपग्रह विकसित करने की दिशा में हरसंभव सहयोग देने को तैयार है। साथ ही कहा कि ऐसा उपग्रह बिजली गिरने, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की घोषणा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश के लिए सटीक मौसम पूर्वानुमान बेहद जरूरी है। साथ ही कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार अपना यूपी-विशिष्ट उपग्रह चाहती है। जो मौसम संबंधी सटीक जानकारी देने में सक्षम हो। यदि ऐसा कोई उपग्रह विकसित किया जाता है तो राज्य सरकार उसका पूरा समर्थन करेगी और सभी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस संबंध में वह पहले भी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से चर्चा कर चुके हैं।
योगी ने उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का आभार जताते हुए कहा कि यह कदम विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पहल है। योगी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में मौसम पूर्वानुमान प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “करीब 12 साल पहले मौसम विभाग बारिश की भविष्यवाणी करता था तो लोग अक्सर इसका उल्टा होने की बात कहते थे, लेकिन आज विभाग बारिश, आंधी-तूफान और अन्य मौसम संबंधी घटनाओं की काफी सटीक जानकारी दे रहा है।” हाल ही में प्रदेश के कुछ हिस्सों में आए तूफान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली प्रभावी ढंग से काम कर रही है, लेकिन स्थानीय प्रशासन को भी और अधिक सक्रिय होने की जरूरत है ताकि अलर्ट समय पर लोगों तक पहुंच सके।
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सीएम ने कहा कि एक समय मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली जैसे जिलों में हर वर्ष बिजली गिरने से सौ से 150 लोगों की मौत हो जाती थी, लेकिन प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली लागू होने के बाद कई क्षेत्रों में यह संख्या घटकर लगभग एक दर्जन रह गई है। आगे कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम चक्र में तेजी से बदलाव आ रहा है, जिससे कृषि और खाद्य सुरक्षा के सामने दीर्घकालिक चुनौतियां पैदा हो रही हैं। “यदि ये स्थिति जारी रही तो भविष्य में गंभीर खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो सकता है। मानव हितों के लिए प्रकृति के अत्यधिक दोहन ने इस समस्या को बढ़ाया है।” योगी ने कहा कि किसानों को समय पर मौसम की जानकारी मिलने से फसलों के नुकसान को कम करने, आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आर्थिक हानि घटाने में मदद मिलेगी।




















