CM योगी ने बोला विपक्ष पर हमला, ‘सपा ने नहीं चलने दी विधानसभा, उनकी विकास में नहीं कोई रुचि’

सीएम योगी
कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम योगी।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अंबेडकर नगर में 706 करोड़ की लागत की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद अपनी सरकार की जमकर तारीफ करते हुए समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर हमला बोला। सीएम योगी ने आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने विधानसभा नहीं चलने दी, उनके द्वारा जो कोहराम मचाया गया, सभी ने देखा। सपा की विकास में कोई रुचि नहीं है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए योगी ने आरोप लगाया कि पहले नौकरी का विज्ञापन निकलते ही वसूली के लिए भाई-भतीजावाद एक्टिव हो जाता था और युवा योग्यता के बाद भी ठगा महसूस करता था। साथ ही कहा कि ‘कभी हापुड़, मुजफ्फरनगर, कभी लखनऊ तो कभी प्रयागराज दंगे। माहौल इतना खराब था कि नौजवानों के सामने पहचान का संकट था।

इतना ही नहीं थानों-तहसीलों में इनका कब्जा था, जिस गाड़ी में सपा का झंडा, समझो उसमें सपा का गुंडा। पहले वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया था, अब वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट है। हर जिले में एक माफिया पाल लिया था। 2017 से पहले मुख्यमंत्री नोएडा नहीं जाते थे, कुर्सी खिसकने का डर होता था। जनता ने अब कुर्सी हमेशा के लिए विदा कर दी है’।

12 बजे सोकर उठने वाले है लोग 

सीएम योगी ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा, ‘ये 12 बजे सोकर उठने वाले लोग हैं। दो बजे बबुआ तैयार होंगे, फिर चच्चू कुछ सिखाएंगे। फिर जिम जाएंगे। फिर महफिल जम जाएगी, उसके बाद उन्हें पता नहीं होता कि देश में क्या हो रहा है, लेकिन आज यूपी में सब चंगा, नो कर्फ्यू, नो दंगा है’। इस दौरान योगी ने एक मौलान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्‍हें ठीक कर दिया गया है। पहले दंगाईयों को मुख्‍यमंत्री आवास पर बुलाकर सम्‍मानित किया जाता था।

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2017 से पहले सत्ता में रहे लोगों के पास विकास की नहीं थीं दृष्टि

इससे पहले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर लखनऊ में भी सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधा। सीएम ने कहा कि 2017 से पहले राज्य में सत्ता में रहे लोगों के पास विकास की कोई दृष्टि नहीं थी। जब सत्ता में बैठे लोग काम में रुचि नहीं रखते, तो राज्य का पतन तो होगा ही। इस लापरवाही के कारण राज्य महीनों तक कर्फ्यू और दंगों की चपेट में रहा। 2014 में देश में और 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने से पहले कारीगरों के विकास के लिए काम किया जा सकता था, लेकिन इसके लिए दूरदर्शिता और सोच की जरूरत है।

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