ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर धरना देने पहुंचे विपक्षी सांसद को पुलिस ने रोका, रास्ता किया ब्लॉक

जंतर-मंतर
जंतर-मंतर जाने से रोकने सड़क पर लेटकर प्रदेश करते विपक्ष के नेता।

आरयू वेब टीम। चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध थमता नजर नहीं रहा है।  कल दिनभर धरने के बाद आज इंडिया ब्लॉक के सांसद लंच के बहाने दिल्ली में जमा हुए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई दलों के सांसदों ने सागर रत्ना रेस्टोरेंट में लंच किया। इसके बाद सभी सांसद बसों में भरकर वहां से जंतर-मंतर पर धरना देने के लिए रवाना हुए।

वहीं पहले से घोषित धरने के मद्देनजर पुलिस ने पहले भारी सुरक्षाबल लगाकर रास्ता ब्लॉक कर दिया। जब विपक्ष के नेताओं को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोका तो विपक्ष के नेता बस से उतरकर सड़क पर आ गए। अधिकतर विपक्ष की महिला नेता सड़क पर लेट गई और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार व भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस दौरान राहुल गांधी ने कहा, ‘कल हम ईसी से मिलना चाहते थे। वो हमसे नहीं मिले। दिल्ली पुलिस ने हमें रोका’। कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी, अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने लोकतंत्र को खत्म किया। साथ ही राहुल ने सीईसी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा। राहुल गांधी ने कहा, ‘मेरा लक्ष्य सौ एफआइआर का है, सभी एफआइआर मेरे लिए सच की लड़ाई का मेडल हैं’।

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दरअसल, दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ आकाशवाणी भवन में जबरन घुसने और बिना अनुमति के धरना देने के आरोप में एफआइआर दर्ज की है। बीते दिन विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर मार्च करने की कोशिश के कारण पार्लियामेंट स्ट्रीट को पूरी तरह बंद कर दिया गया था।

आठ घंटे से ज्यादा चला था धरना

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की। जब पुलिस ने सांसदों को चुनाव आयोग की ओर जाने से रोका, तो राहुल बाद में आकाशवाणी भवन के बाहर धरना दिया। दोपहर के आस-पास शुरू हुआ यह धरना आठ घंटे से ज्यादा समय तक चला और रात आठ बजे के बाद खत्म हुआ। इस दौरान पुलिस ने गांधी और दूसरे प्रदर्शनकारियों को जबरदस्ती हटाया और हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल, टीएमसी के डेरेक ओ’ब्रायन और विपक्ष के दूसरे सांसद शामिल थे।

करीब 250 लोगों को हिरासत में लिया

वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 250 लोगों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए ज्यादातर नेताओं को कुछ देर बाद ही छोड़ दिया गया, जबकि गांधी और दूसरे सांसदों को करीब दो घंटे हिरासत में रखने के बाद रात दस बजे के बाद रिहा किया गया। विरोध प्रदर्शन मंगलवार सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ, जब विपक्षी सांसदों ने भारी पुलिस बैरिकेडिंग के बीच संसद भवन से चुनाव आयोग की ओर मार्च किया।

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