शिक्षा मंत्री का दावा, यूपी में शिक्षक को हर स्तर पर शैक्षिक सहयोग देना ही योगी सरकार का प्रयास

शिक्षा मंत्री संदीप सिंह
सदन में बोलत संदीप सिंह। (फाइल फोटो)

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। कक्षा में बेहतर पढ़ाई की पहली जरूरत है शिक्षक की बेहतर तैयारी। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में शिक्षकों को जरूरी अकादमिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए 3.81 करोड़ रुपये से अधिक की लिमिट जारी की है। यह दावा आज बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने किया है।

संदीप ने कहा है कि यूपी के सभी 75 जिलों में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी एवं गणित के शिक्षकों के लिए संदर्शिका और शिक्षक डायरी उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि कक्षा 6 से 8 तक के परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एलईपी मद में अलग से 42.61 लाख रुपये की लिमिट जारी हुई है।

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री के अनुसार बेहतर कक्षा की शुरुआत बेहतर तैयारी से होती है। सरकार का प्रयास है कि शिक्षक को पाठ की तैयारी से लेकर प्रभावी शिक्षण तक हर स्तर पर जरूरी शैक्षिक सहयोग मिले। संदर्शिका और शिक्षक डायरी इसी शिक्षक-केंद्रित व्यवस्था को मजबूत करने की पहल हैं।

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वहीं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, समग्र शिक्षा की ओर से कक्षा 1 से 5 तक हिंदी व गणित विषय की संदर्शिका और शिक्षक डायरी की छपाई और सप्‍लाई  के लिए 75 जिलों को कुल 338.54 लाख रुपये की लिमिट जारी की गई है। इसमें संदर्शिका के मुद्रण के लिए 172.35 लाख रुपये, शिक्षक डायरी के लिए 152.91 लाख रुपये और मुद्रित सामग्री के परिवहन के लिए 13.27 लाख रुपये शामिल हैं।

संदर्शिका शिक्षक को पाठ्यपुस्तक के साथ विषयवस्तु को बेहतर ढंग से समझाने, शिक्षण गतिविधियों की योजना बनाने और कक्षा की जरूरत के अनुसार पाठ को आगे बढ़ाने में सहयोग देगी। वहीं शिक्षक डायरी के माध्यम से शिक्षक अपनी कक्षा की कार्ययोजना और शिक्षण गतिविधियों की तैयारी को अधिक व्यवस्थित कर सकेंगे।

कक्षा 6 से 8 तक के परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एलईपी मद में 42.61 लाख रुपये की अलग लिमिट जारी की जाएगी। इसका उद्देश्य शिक्षक को केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित रखने के बजाय पाठ की तैयारी, प्रस्तुतीकरण और कक्षा-कक्ष की गतिविधियों के लिए आवश्यक अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराना है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने संदर्शिका और शिक्षक डायरी की आपूर्ति तथा विद्यालय स्तर तक उनके वितरण को समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों को शैक्षिक सत्र के दौरान आवश्यक सामग्री के लिए इंतजार न करना पड़े।