आरयू वेब टीम। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों पर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ तौर पर बल प्रयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर एकत्र होते हैं तो उन पर लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित तौर पर एके-47 से फायरिंग किए जाने का भी दावा किया।
प्रियंका ने सवाल उठाया कि क्या सरकार जनता के प्रति जवाबदेह नहीं है और क्या विपक्ष से भी ये अपेक्षा की जाती है कि वह चुपचाप बैठा रहे। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए वायनाड सांसद ने कहा कि जब हजारों छात्रों पर लाठियां बरसाई जाती हैं और पैलेट गन चलाई जाती है, तो सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। विपक्ष जनता और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाता रहेगा।
इस दौरान झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर जेएमएम सांसद महुआ माजी ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही चार मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल छात्रों से बातचीत के लिए भेज चुकी थी। महुआ माजी ने कहा कि छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगों या चिंताओं का समाधान बातचीत के दौरान हो गया था और छात्रों ने भी इसे स्वीकार किया था।
महुआ माजी ने कहा कि छात्रों और मंत्रियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी, जिससे लगा था कि आंदोलन समाप्त हो सकता है। हालांकि बाद में कुछ राजनीतिक दलों ने छात्रों को कथित तौर पर उकसाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कई भाजपा कार्यकर्ता और भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े लोग वहां देखे गए। उन्होंने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए ये भी दावा किया कि बंगाल और अन्य स्थानों से लोगों को वाहनों में भरकर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भेजे जाने के आरोप सामने आए हैं।
इसके अलावा टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने संसद में जारी गतिरोध को लेकर कहा कि विपक्ष 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल के मामले में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भी संसद में चर्चा होनी चाहिए और इस मामले में अमित शाह से माफी की मांग की जा रही है।




















