दहकती सड़क पर रेंगते हुए मंत्री संदीप सिंह के आवास पहुंचे शिक्षक भर्ती के दलित-पिछड़े अभ्‍यर्थी, कहा हम सरकार की नजर में कीड़े-मकौड़े

दलित पिछड़े
चिलचिलाती धूप में सड़क पर रेंगकर योगी सरकार से अपनी मांग मनवाने की काशिश करते दलित-पिछड़े।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। नियुक्ति के लिए 69 हजार शिक्षक भर्ती के पिछड़े व दलित अभ्यर्थियों ने सोमवार को एक बार फिर प्रदर्शन किया। शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास कुछ दूरी पर प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए। जहां से तेज धूप से दहकती सड़क पर कीड़ों की तरह रेंगते हुए मंत्री के आवास तक पहुंचे। इस दौरान अभ्यर्थियों ने कहा, हम लोग सरकार की नजर में कीड़े-मकौड़े हो चुके हैं। हमारी कहीं कोई सुनवाई नहीं है। इसलिए आज हम लोग कीड़ों की तरह रेंगते हुए मंत्री के आवास पर पहुंचे।

प्रदर्शन के बीच भीषण गर्मी की वजह से कई अभ्यर्थी बेहोश हो गए। जिससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। हालांकि पुलिस ने मंत्री आवास के पास ही घेराबंदी कर प्रदर्शनकारियों को अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने बताया कि नियुक्ति के लिए पिछले छह वर्षों से वे लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला।

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प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने रेंगते हुए प्रदर्शन करने को इसलिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि उनकी स्थिति अब कीड़े-मकौड़ों से भी खराब हो चुकी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि मामले की अगली सुनवाई 31 मई को है, लेकिन उनकी तरफ से अदालत में योगी सरकार की ओर से पैरवी नहीं की जा रही। “हम लोग मजबूर हैं। पिछले छह सालों से आंदोलन कर रहे हैं। अब गर्मी, सर्दी या बारिश से फर्क नहीं पड़ता। सरकार हमारी सुनवाई नहीं कर रही।”

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अभ्यर्थियों ने सरकार और शिक्षा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि भर्ती विवाद का समाधान जल्दी होना चाहिए और कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थी तपती सड़क पर रेंगते नजर आए। भीषण गर्मी के बावजूद अभ्यर्थियों का गुस्सा और हताशा साफ दिखाई दी।

बता दें कि 69 हजार शिक्षक भर्ती केस में पिछले कई वर्षों से विवादों में है। आरक्षण और चयन प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि देरी की वजह से उनका भविष्य अधर में लटक गया है। अब 31 मई की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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