देवरिया जेल में बिगड़ी पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की तबीयत, BRD रेफर

अमिताभ ठाकुर
अस्पताल में भर्ती अमिताभ ठाकुर।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ/गोरखपुर। धोखाधड़ी के एक मामले में देवरिया जेल में बंद पूर्व आइपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर की देर रात जेल में अचानक तबियत बिगड़ गई। सीने में दर्द की शिकायत के बाद जेल प्रशासन उन्हें तत्काल देवरिया के देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचा। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया।

अंदेशा जताया जा रहा है कि उन्हें हार्ट अटैक आया है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भी इसी को ध्यान में रखते हुए उनका इलाज किया जा रहा है। इस संबंध में गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर रामकुमार जायसवाल ने बताया है कि फिलहाल स्थिति पर नजर बनाई जा रही है। उन्हें हार्ट अटैक आया है कि नहीं यह देखा जा रहा है। चिकित्सकों की टीम उनका इलाज कर रही है।

मिली जानकारी के अनुसार बीती देर रात अमिताभ ठाकुर की तबीयत जेल के भीतर अचानक से खराब हुई। सीने में दर्द, घबराहट कि जैसे ही जेल प्रशासन को जानकारी हुई आनन-फानन में उन्हें देवरिया के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए देवरिया मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रात दो बजे ही रेफर कर दिया। अब वहां उनका इलाज चल रहा है।

गौरतलब है कि अमिताभ ठाकुर बार-बार अपनी सेहत और कहीं उनका एनकाउंटर ना कर दिया जाए, हत्या को लेकर आशंका जाता रहे थे और अपनी रिहाई की मांग कर रहे थे।वह प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं की चुनिंदा कार्रवाई करते हुए उन्हें निशाना बनाया गया है। इस बीच मंगलवार को ही देवरिया सीजेएम कोर्ट में उनके मामले की सुनवाई हुई, जिसमें सीजेएम न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दी और उनके रिमांड पर फैसला आज बुधवार को आना है।

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बता दें कि देवरिया में एसपी रहते ठाकुर के ऊपर जमीन खरीद में धोखाधड़ी का आरोप लगा था। इसी सिससिले में दस दिसंबर को लखनऊ से दिल्ली जाते समय चलती ट्रेन से उन्हें शाहजहांपुर में गिरफ्तार किया गया था। दरअसल साल 1999 में देवरिया में पुलिस कप्तान रहते हुए अमिताभ ठाकुर ने अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम औद्योगिक क्षेत्र में एक प्लाट खरीदा था।

प्लाट आवंटन के दौरान उनकी पत्नी का नाम नूतन देवी और पति के नाम के रूप में अभिजात दर्ज कराया गया था, जबकि उनका वास्तविक नाम अमिताभ ठाकुर है। आवंटन के तीन साल तक उस प्लाट पर कोई निर्माण नहीं हुआ और वर्ष 2002 में नूतन ठाकुर ने जमीन की लीज डीड शराब और कंस्ट्रक्शन कारोबारी संजय प्रताप सिंह को ट्रांसफर कर दिया, जिससे अमिताभ ठाकुर धोखाधड़ी के मामले के शिकार हो गए।

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