मणिकर्णिका घाट ध्‍वस्तीकरण पर खड़गे ने कहा, इतिहास की धरोहर मिटा अपनी नेम प्लेट चिपकाना चाहते हैं नरेंद्र मोदी

मणिकर्णिका घाट
खड़गे ने पोस्ट की मणिकर्णिका घाट की ये तस्वीर।

आरयू वेब टीम। वाराणसी में काफी समय से नवीनीकरण के नाम पर पुरानी धरोहर को तोड़कर निर्माण किया जा रहा है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर चल रहे ध्‍वस्‍तीकरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा है कि सौंदर्यीकरण और व्यवसायीकरण के नाम पर विरासत को बुलडोजर से ध्वस्त किया जा रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी इतिहास की हर धरोहर मिटाकर सिर्फ अपनी नेम-प्लेट चिपकाना चाहते हैं।

खड़गे ने आज अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्टकर कहा, ‘जी, भोंडे सौंदर्यीकरण और व्यवसायीकरण के नाम पर आपने बनारस के मणिकर्णिका घाट में बुलडोजर चलवाकर सदियों पुरानी धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को ध्वस्त कराने का काम किया है। पहले कॉरिडोर के नाम पर छोटे-बड़े मंदिर और देवालय तोड़े गए और अब प्राचीन घाटों की बारी है। आप चाहते हैं कि इतिहास की हर धरोहर को मिटाकर बस अपना नेम-प्लेट चिपका दिया जाए।’

साथ ही खड़गे ने पोस्ट में कुछ तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए, जिनमें बुलडोजर और तोड़ी गई मूर्तियां भी नजर आ रही हैं। खड़गे ने सवाल उठाया कि सदियों पुरानी मूर्तियां और मंदिर क्यों तोड़े गए? उन्हें म्यूजियम में क्यों नहीं रखा गया? लाखों लोग मोक्ष के लिए काशी आते हैं, क्या उनका इरादा भक्तों के साथ धोखा करना है?

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दूसरी ओर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी आज इस मामले को लेकर भाजपा सरकार को घेरते हुए ध्‍वस्‍तीकरण की कार्रवाई को रोकने की मांग की है। प्रियंका ने अपनी पोस्‍ट में कहा है कि बनारस में मणिकर्णिका घाट पर बुल्डोजर चलाकर सदियों पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को ध्वस्त करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मणिकर्णिका घाट और इसकी प्राचीनता का धार्मिक महत्व तो है ही, इससे लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की स्मिृतियां भी जुड़ी हैं।

विकास के नाम पर, चंद लोगों के व्यावसायिक हितों के लिए, देश की धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाना घोर पाप है। इसके पहले भी बनारस में रिनोवेशन के नाम पर कई सदी पुराने अनेक मंदिर ध्वस्त किए जा चुके हैं। काशी की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान मिटाने की ये साजिशें तत्काल बंद होनी चाहिए।

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दरअसल मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म में सबसे पवित्र अंतिम संस्कार स्थल है। यहां अंतिम संस्कार करने से मोक्ष मिलने की मान्यता है। ये घाट वाराणसी के सबसे पुराने घाटों में से एक है, जिसकी कहानी माता सती के कर्णफूल से जुड़ी है।
पुनर्विकास प्रोजेक्ट की नींव पीएम मोदी ने सात जुलाई 2023 को रखी थी। ये काशी विश्‍वनाथ कॉरिडोर प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

गौरतलब है कि स्थानीय लोगों और विपक्ष का कहना है कि काम के दौरान सदियों पुरानी मूर्तियां और छोटे-बड़े मंदिर नरेंद्र मोदी ने तोड़वा दिया है, इनकी फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही लोग योगी सरकार पर भी सवाल उठा रहें हैं।