आरयू ब्यूरो, लखनऊ/वाराणसी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर योगी सरकार पर हमला बोला है। शंकराचार्य ने कहा, यूपी सरकार की पुलिस व अन्य अधिकारियों ने हमसे शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा था, जो हमने उपलब्ध करा दिया। अब हम योगी सरकार को अल्टीमेटम देते हैं कि 40 दिन के अंदर गाय को राज्यमाता का दर्जा दीजिए। साथ ही बीफ निर्यात पर रोक लगाकर हिंदू प्रेमी होने का प्रमाण दें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो 40 दिनों के बाद वह लखनऊ में सभी संत समाज के साथ पहुंचेंगे।
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अविमुक्तेश्वरानंद ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि उनसे 24 घंटे के भीतर शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा गया, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति स्नान करने गया हो, उससे प्रमाण कैसे मांगा जा सकता है। जिन शंकराचार्यों ने प्राणों की बाजी लगाकर परंपरा को जीवित रखा, आज सरकार उन्हीं से प्रमाण मांग रही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने समय पर जवाब दे दिया था और अब तक उनके जवाब को खारिज नहीं किया गया है, जिससे साफ है कि उनकी बात सही मानी गई है।
हिंदुत्व की पहली सीढ़ी गौ सेवा
इस दौरान शंकराचार्य ने फटकार लगाते हुए कहा कि अब वे सरकार से हिंदू होने का प्रमाण मांगते हैं। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल भाषण देने या भगवा पहन लेने से हिंदुत्व सिद्ध नहीं होता। हिंदुत्व की पहली सीढ़ी गौ सेवा है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी को 40 दिन का समय देते हुए कहा कि यदि गौ सेवा और हिंदू होने का प्रमाण नहीं दिया गया तो यह मान लिया जाएगा कि वे नकली, छद्म हिंदू, कालनेमि और ढोंगी हैं।
सरकार भी गौ भक्तों और सहयोगियों को कर रही परेशान
वहीं देश की राजनीतिक पार्टियों पर निशाना साधते हुए शंकराचार्य ने कहा कि भले ही दलों में भेद दिखाई देता हो, लेकिन गौ हत्या के मुद्दे पर पिछली और वर्तमान सरकार में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार गौ हत्या बंद नहीं करना चाहती थी, इसलिए गौ भक्तों पर गोली चली और आज जब गौ हत्या बंद करने की आवाज उठाई जा रही है तो मौजूदा सरकार भी गौ भक्तों और उनके सहयोगियों को परेशान कर रही है। आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी और रामभद्राचार्य लगातार एक-दूसरे से विपरीत बयान दे रहे हैं और आगे भी इसी तरह की स्थिति बनी रह सकती है, लेकिन इसके बावजूद वे अत्याचार और अन्याय सहते हुए अपने आंदोलन को जारी रखेंगे।
गौ मांस बेचकर की जाएगी रामराज्य की स्थापना
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने महाराष्ट्र और नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां से सीख लेने की जरूरत है। साथ ही गोहत्या के मामले में उत्तर प्रदेश के हाल बयान करते हुए उन्होंने कहा कि भारत से होने वाले गौ मांस निर्यात का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा उत्तर प्रदेश से होता है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि क्या गौ मांस बेचकर डॉलर से रामराज्य की स्थापना की जाएगी और गौ माता के मांस को भैंस का मांस बताकर बचाव किया जा रहा। आज से 40 दिनों की गिनती शुरू कर दी गई है, जो दस मार्च को पूरी होगी। यदि तब तक सरकार ने गौ माता को राज्य माता घोषित नहीं किया तो वे दिल्ली नहीं जाएंगे, बल्कि लखनऊ में संतों की बड़ी बैठक कर अगला कदम तय किया जाएगा।



















