बोले शंकराचार्य अविमुक्‍तेश्‍वरानंद, “योगी आदित्‍यनाथ के हस्ताक्षर से प्रदेशभर में चल रहें बूचड़खाने, मॉल में खुलेआम बिक रहा गोमांस”

शंकराचार्य
फाइल फोटो।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। गोहत्‍या को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्‍वरानंद सरस्वती ने आज एक बार फिर योगी सरकार निशाना साधा है। शंकराचार्य ने यूपी के सीएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि योगी आदित्‍यनाथ के हस्ताक्षर से पूरे उत्‍तर प्रदेश में बूचड़खाने चल रहे हैं, जिन्हें रोकने की बात उन्होंने कही थी। साथ ही भारत की विदेश नीति, इजरायल-ईरान युद्ध और गौ रक्षा जैसे विषयों पर भी खुलकर बात की।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्‍वरानंद सरस्वती रविवार सुबह बरेली पहुंचे। जहां प्रेसवार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री योगी के हस्ताक्षर से प्रदेशभर में बूचड़खाने चल रहे हैं, जिन्हें रोकने की बात उन्होंने कही थी। विदेशों के मॉल में गोमांस खुलेआम बिक रहा है। यह उत्तर प्रदेश के लिए ये शर्मसार करने वाली बात है। संत समाज लोक कल्याण के लिए है ना कि राजनीति में आने के लिए।

अगर योगी गौमाता की रक्षा के लिए कानून…

इस दौरान अविमुक्तेश्‍वरानंद ने सत्ता पक्ष से अपील की कि अगर योगी आदित्‍यनाथ गौ माता की रक्षा के लिए कानून बनाते हैं, तो हम उनके साथ खड़े हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं न सत्ता पक्ष का हूं और न विपक्ष का। जो भी हमारी बात सुनेगा और गौ रक्षा के लिए काम करेगा, हम उसके साथ खड़े होंगे। पक्ष-विपक्ष से ऊपर उठकर राष्ट्र और धर्म के हित में फैसला करना चाहिए।

धर्म और राजनीति की शपथ नहीं हो सकता एक साथ

वहीं योगी आदित्‍यनाथ पर सवाल उठाते हुए शंकराचार्य ने कहा कि राजनीति के लिए राजनीति की शपथ और धर्म के लिए धर्म की शपथ लेनी होती है, लेकिन दोनों शपथ एक साथ नहीं ले जा सकती। एक संन्यासी किसी प्रदेश सरकार का नौकर नहीं हो सकता। आगामी विधानसभा चुनाव पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जो लोग प्रदेश में गो हत्या को बंद कराएंगे, सनातन प्रेमियों को उन्हीं की सरकार चुननी चाहिए।

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साथ ही आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर तंज कसते हुए कहा कि मोहन भागवत हिंदुओं को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की सलाह देते हैं। उन्होंने पूछा कि भागवत जी खुद क्यों नहीं शादी करते और बच्चे पैदा नहीं करते? दूसरों को सलाह देने से पहले उन्हें खुद यह काम करना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि सलाह देने वालों को पहले खुद उदाहरण पेश करना चाहिए।

यहूदियों से हमारा कौन सा गहरा संबंध

वहीं भारत की विदेश नीति, इजरायल-ईरान युद्ध पर अपनी प्रतिक्रिया रखते हुए स्वामी अविमुक्तेश्‍वरानंद ने कहा कि भारत शुरू से ही गुट निरपेक्ष देश रहा है। भारत ने कभी किसी युद्ध में किसी पक्ष का साथ नहीं दिया, लेकिन इस समय प्रधानमंत्री के मौन के कारण लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि भारत शायद इजरायल के पक्ष में खड़ा हो गया है। उन्होंने पूछा कि यहूदियों के साथ हमारा ऐसा कौन सा गहरा संबंध है कि हम उनके इतने करीब जा रहे हैं?

प्रधानमंत्री के मौन से लोगों में फैल रहा भ्रम

अविमुक्तेश्वरानंद ने इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का भी आज जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हर युद्ध में दो पक्ष होते हैं, एक न्याय का और दूसरा अन्याय का। आज एक तरफ अमेरिका और इजरायल हैं, तो दूसरी तरफ ईरान, लेकिन पूरी दुनिया के विद्वान इस मुद्दे पर चुप हैं। यह मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने विश्‍व के सभी विद्वानों से अपील की कि वे सामने आएं और साफ-साफ बताएं कि कौन न्याय के रास्ते पर है और कौन अन्याय पर। विद्वानों का काम है कि जनता को सही और गलत के बारे में जागरूक करें। लेकिन आज वे चुप हैं, जो ठीक नहीं है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जोर देकर कहा कि भारत को अपनी पुरानी नीति पर टिके रहना चाहिए। प्रधानमंत्री के मौन से लोगों में भ्रम फैल रहा है। उन्हें इस पर स्पष्ट रुख रखना चाहिए।

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