हाई कोर्ट की सख्ती से बैकफुट पर आईं मेयर सुषमा, सपा पार्षद को दिलाई शपथ

सपा पार्षद
सपा पार्षद ललित तिवारी को शपथ दिलातीं मेयर साथ में अन्य।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। हाईकोर्ट की सख्ती और मेयर के अधिकार सीज किए जाने के बाद आखिरकार सुषमा खर्कवाल बैकफुट पर आ गईं। जिसके बाद रविवार को फैजुल्लागंज वार्ड से सपा पार्षद ललित तिवारी को भाजपा की मेयर ने शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण के बाद सपा पार्षद के समर्थक काफी उत्साहित नजर आए।

यह पहली बार हुआ जब न्यायालय ने मेयर के अधिकार फ्रीज किए हों। इससे वह न तो अपने फंड से पैसे खर्च कर सकती हैं और न ही किसी कर्मचारी पर कार्रवाई कर सकती हैं। हाईकोर्ट के सख्त एक्शन के बाद मेयर हरकत में आईं और कई महीने पहले जीते पार्षद ललित तिवारी को नगर निगम कार्यालय के अपने चैंबर में शपथ दिलाई। इस मौके पर नगर आयुक्त के साथ अधिकारी भी मौजूद रहे। पार्षद को शपथ दिलाने के बाद अब फिर से महापौर के फ्रीज हुए अधिकार बहाल हो गए।

दरअसल आज सुबह आयोजित सपा पार्षद ललित तिवारी के शपथ ग्रहण समारोह में समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे परिसर में सत्य की जीत हुई और अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे गूंज उठे। शपथ ग्रहण के बाद समर्थकों ने ललित किशोर तिवारी का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। समर्थकों ने मिठाइयां बांटीं, ढोल-नगाड़े बजाए और जोरदार नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने इसे एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सत्य और लोकतंत्र की जीत बताया।

बता दें कि ललित किशोर तिवारी के निर्वाचित होने के बावजूद उन्हें शपथ नहीं दिलाई जा रही थी। इस देरी को लेकर उनके समर्थक और विपक्षी नेता लगातार नाराज थे। कई बार नगर निगम से शपथ की मांग की गई, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। आखिरकार मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने नगर निगम प्रशासन से जवाब तलब किया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने पर नाराजगी जताई। कोर्ट के कड़े आदेश और मेयल सुषमा खर्कवाल के अधिकारों को सिज करने के बाद प्रशासन ने को शपथ ग्रहण का कार्यक्रम आयोजित करना पड़ा।

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इस पूरे प्रकरण में लखनऊ मेयर सुषमा खर्कवाल की भूमिका भी चर्चा में रही। विपक्ष का आरोप है कि जानबूझकर राजनीतिक कारणों से शपथ में देरी की गई। हालांकि नगर निगम की ओर से इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया। भाजपा समर्थक इसे सामान्य प्रक्रिया बता रहे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी इसे विपक्षी जनप्रतिनिधियों के साथ भेदभाव करार दे रही है।

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